सांसद हनुमान बेनीवाल ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को ट्विटर पर बुरी तरह लपेटा

जयपुर। नागौर के सांसद और राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के संयोजक हनुमान बेनीवाल ने एक तरह से राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को ट्विटर पर ही बुरी तरह से परेशान कर के रख दिया है।

केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के साथ गठबंधन में बैठे हनुमान बेनीवाल ने आज एक के बाद एक लगातार 11 ट्वीट करके राज्य की मुख्यमंत्री अशोक गहलोत वाली कांग्रेस सरकार को निशाने पर लिया।

हनुमान बेनीवाल के ताबड़तोड़ ट्वीट देख कर ऐसा लगता है कि जिस तरह से एसओजी के द्वारा तीन निर्दलीय विधायकों के खिलाफ एफ आई आर दर्ज की गई है और प्रदेश में सरकार गिराने की कथित तौर पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के द्वारा बयान बाजी दी गई है, उससे सांसद काफी गुस्से में हैं।

आप भी पढ़िए बेनीवाल के ट्वीट्स

मुख्यमंत्री अशोकजी के निर्देश पर विधायको की फोन टेपिंग करवाकर मनगढ़त षड़यंत्र रचा जा रहा है, इस पूरे प्रकरण में मनगढ़त पटकथा के नायक व निर्माता-निदेशक स्वयं मुख्यमंत्री गहलोत है वहीं खलनायक राज्य के डिप्टी सीएम @SachinPilot को बनाया गया है।

जब से @ashokgehlot51 सरकार आई है तब से हमारे व सांसदों तथा विधायको के फोन टेप करवाये जा रहे है जो संवैधानिक अधिकारों का हनन है और यह कृत्य @RajGovOfficial का निंदनीय कृत्य है !

इस पटकथा के पूरे मामले में चूंकि 2 निजी व्यक्तियों की आपसी बातचीत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया जाता है जबकि लोकायुक्त जैसी सरकारी संवैधानिक संस्था द्वारा सिफारिश के बावजूद 4 साल से FIR दर्ज नही की गई !

लोकायुक्त की सिफारिश परोक्ष रुप से वर्तमान मुख्यमंत्री @ashokgehlot51 के खिलाफ व उनके करीबी श्री सीपी कोठारी को रीको का निदेशक बनाने से जुड़ी हुई थी औरयह सिफारिश झालरापाटन से वर्तमान विधायक और पूर्व मुख्यमंत्री को 2015 में की गई थी जिस पर आज तक कोई मुकदमा दर्ज नही हुआ।

यह भी पढ़ें :  'अशोक गहलोत हटाओ, कांग्रेस बचाओ' के बाद 'सचिन पायलट को सीएम बनाओ'

ऐसा कैसे सम्भव है कि 2 निजी व्यक्तियों की बातचीत के आधार पर जिसमे सीएम व डिप्टी सीएम के नाम का जिक्र करके मुकदमा दर्ज कर लिया जाता है, यह कूटरचित मामला सीएम @ashokgehlot51 व पूर्व सीएम राजे के आपसी तालमेल का हिस्सा है।

हाल ही के दिनों में आई IAS/ IPS के तबादलो की सूची से इस पटकथा का सीधा सम्बन्ध है क्योंकि तबादला सूची से पूर्व जिन अफसरों ने यह मुकदमा दर्ज करने से इनकार किया उन्हें हटाकर पूर्व सीएम के चहेतों को पुनः बड़े पदों पर पदस्थापित कर दिया गया।

सूत्रों के हवाले से माने तो एसओजी ने फोन टेपिंग में वर्तमान सीएम और पूर्व सीएम के आपसी गठजोड़ और सीएम गहलोत की पूर्व सीएम के साथ नियमित कई बार दूरभाष पर बात होना भी पाया।

पूर्ववती सरकार के आखरी महीनों में तत्कालीन सीएम के भरोशेमंद अफसर जो एसओजी के मुखिया थे उन्हें @ashokgehlot51
जी ने खुद के वर्तमान विश्वस्त अफसर को हटाकर पुनः एसओजी की कमान दे दी जो अपने आप मे गहलोत-वसुंधरा गठजोड़ की कहानी को बयां करते है।

@ashokgehlot51 जी द्वारा खरीद-फरोख्त करने की मनगढ़त पटकथा में उनकी स्वयं की भूमिका जनता में जगजाहिर हो गई साथ ही उनके पूर्व सीएम के साथ गठजोड़ को भी पुनः सार्वजनिक कर दिया !

इस पूरी पटकथा में सीएम @ashokgehlot51 जी ने खरीद फरोख्त को लेकर हमारे सहयोगी दल @BJP4Rajasthan @BJP4India पर जो आरोप लगाए वो पूर्ण रूप से निराधार है और यह आरोप स्वयं गहलोत जी की बौखलाहट को बयां कर रहे है !

मजेदार बात यह है कि इन ट्वीट्स में हनुमान बेनीवाल ने केवल अशोक गहलोत को ही घेरने का काम नहीं किया है, बल्कि भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को भी निशाने पर लिया है।

यह भी पढ़ें :  मंत्री बाहर रेड कारपेट पर चल रहे थे, अस्पताल के अंदर बच्चे मरते रहे थे