बकरा मंडी में जिस तरह बकरा ख़रीदते हैं, वैसे ख़रीद-फ़रोख़्त हो रही है: गहलोत

जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राजस्थान के विधायकों को बकरा की उपमा दी है। गंभीर बात यह है कि राजस्थान की जिस 7.5 करोड़ जनता ने 200 प्रतिनिधियों को चुनकर विधानसभा भेजा गया है, उनको मुख्यमंत्री के द्वारा बकरों की उपमा देना कहां तक सही है?

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अपने सरकारी आवास वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए प्रेस कॉन्फ्रेंस में पत्रकारों से बात करते हुए भारतीय जनता पार्टी पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं।

राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया, उप नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र सिंह राठौड़ और भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष डॉ सतीश पूनिया के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए अशोक गहलोत ने कहा है कि भाजपा के शीर्ष नेतृत्व के इशारे पर राजस्थान के यह तीनों नेता राज्य की कांग्रेस सरकार को गिराने का प्रयास कर रहे हैं।

अशोक गहलोत ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह के द्वारा राजस्थान में और ट्रेडिंग करने का प्रयास किया जा रहा है। बहुजन समाज पार्टी के विधायकों को 2008 और 2018 में कांग्रेस में विलय करने की बात को स्वीकार करते हुए कहा कि उन्होंने कानूनसम्मत पूरी पार्टी का विलय किया है।

पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की तारीफ करते हुए अशोक गहलोत ने कहा कि एक सीनियर विधायक हैं, जो राजस्थान की दो बार मुख्यमंत्री रह चुकी हैं, भाजपा के द्वारा उनको ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है, जबकि उन को मुख्यधारा में रखकर पार्टी यूज कर सकती थी।

मुख्यमंत्री गहलोत ने एक बार फिर से अपने आरोप दोहराते हुए कहा कि भाजपा के द्वारा विधायकों को 10 करोड पहले और काम होने के बाद 15 करोड़ देने का प्रलोभन दिया गया है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि गरीब विधायकों को अधिक प्रलोभन देकर भी भाजपा तोड़ने का प्रयास कर रही है।

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गहलोत ने भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य के कांग्रेस और निर्दलीय विधायकों को तोड़ने के लिए भाजपा की तरफ से और कोर्स ट्रेडिंग की जा रही है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने जिन को टिकट देकर विधायक बनाया, मंत्री बनाया, उनमें से अगर कोई टूट कर जाता है, तो गद्दारी करता है तो उसको जनता माफ नहीं करेगी।

इससे पहले कांग्रेस के 26 विधायकों ने एक संयुक्त बयान जारी करते हुए शुक्रवार को कहा था कि पूरी कांग्रेस पार्टी एकजुट है और सरकार पूरे 5 साल तक चलेगी, 2023 में भी उनकी सरकार बनेगी।