‘‘वोकल फाॅर लोकल मेक इट ग्लोबल’’ अभियान व्यवसायियों और उद्योगों को सशक्त बनायेगा: डाॅ. पूनियां

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में ‘‘आत्मनिर्भर भारत अभियान’’ कोरोना महामारी से लड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है: डाॅ. सतीश पूनियां


प्रधानमंत्री मोदी ने देश के गरीबों, दलितों, वंचितों, श्रमिकों एवं किसानों के लिए लोककल्याणकारी कदम उठाए: डाॅ. पूनियां


वन नेशन-वन मार्केट एवं फसलों के समर्थन मूल्य में वृद्धि से किसानों को आर्थिक सम्बल मिलेगा: डाॅ. पूनियां


महामारी काल में राज्य सरकार बीपीएल, एनएफएसए के अन्तर्गत दिया जाने वाला राशन निःशुल्क दे: डाॅ. पूनियां


जयपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष डाॅ. सतीश पूनियां ने भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता को सम्बोधित करते हुए कहा कि 12 मई, 2020 को घोषित ‘‘आत्मनिर्भर भारत’’ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का विजनरी आइडिया है।

जिसके अन्तर्गत मोदी ने देश की कुल GDP का 10 प्रतिशत के बराबर 20 लाख करोड़ से अधिक की आर्थिक पैकेज की घोषणा की।

वहीं Vocal for Local andmake it Global के अन्तर्गत स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा दिये जाने का आहृान किया। जिससे स्थानीय उद्यमियों को लाभ मिले, देश की अर्थव्यवस्था सुदृढ़ हो और भारत आत्मनिर्भर बने।

उन्होंने कहा कि मोदी जी के नेतृत्व में भारत आत्मनिर्भरता की तरफ तेजी से आगे बढ़ रहा है, जिसमें पीपीई किट सहित तमाम उत्पादों का यहाँ निर्माण होने लगा है।

डाॅ. पूनियां ने कहा कि कोरोना महामारी संकट से लड़ने के लिए MSME उद्योगों के कल्याण के लिए 16 योजनाएं लागू की।

वहीं गरीबों, दलितों, वंचितों, श्रमिकों और व्यापारियों के लिए कई क्रान्तिकारी एवं लोककल्याणकारी कदम उठाए।

जिसके अन्तर्गत लघु, सूक्ष्म एवं मध्यम उद्योगों के 01 जुलाई तक 30 लाख व्यवसायों के 36,28,444 निजी एवं सार्वजनिक बैंकोे से 1,14,502.58 करोड़ के ऋण स्वीकृत किये गये एवं 50 हजार करोड़ का Funds of funds बनाया।

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जिसमें राजस्थान के 1,54,492 खातों के लिए 3,962 करोड़ के ऋण स्वीकृत किये गये हैं। 

डाॅ. पूनियां ने बताया कि कोरोना संक्रमण में गाँव, गरीब और किसान की मदद हेतु  1.70 लाख करोड़ की घोषणा किसान सम्मान निधि योजना में अग्रिम किश्त किसानों के खाते में जमा की गई, जिसमें राजस्थान में 60 लाख 89 हजार 626 किसानों को 1200 करोड़ रूपये की राशि दी गई।

वहीं प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अन्तर्गत 65,027 करोड़ रूपये की राशि उपलब्ध करवायी।

डाॅ. पूनियां ने कहा कि इसी प्रकार जन-धन खाता धारकों के खाते में 500/- रूपये की 3 किश्तें, वहीं उज्जवला योजना के तहत 8 करोड़ से अधिक महिलाओं को 3 गैस सिलेण्डर मुफ्त दिए गए एवं अगले 3 माह भी मुफ्त सिलेण्डर उपलब्ध करवाये जायेंगे।

उन्होंने कहा कि दिव्यांग, विधवा व बुजुर्गों को 1,000/- रूपये की आर्थिक सहायता से 3 करोड़ लोगों को लाभ प्राप्त हुआ, जिसमें कुल 39.89 करोड़ लाभार्थियों को 64,500 करोड़ रूपये की सहायता प्रदान की गई।

जिसमें राजस्थान में उज्जवला योजना के तहत 3 महीने में 652.77 करोड़ एवं वृद्धावस्था, दिव्यांग, विधवा पेंशन में 4685 करोड़ रूपये की सहायता प्रदान की गई। 

डाॅ. पूनियां ने कहा कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना अपने आप में एक क्रान्तिकारी एवं देश के जरूरतमंदों, गरीबों एवं प्रवासियों के लिए आर्थिक सम्बल देने का सराहनीय कदम है।

देश के 80 करोड़ गरीब एवं प्रवासी मजदूरों को मोदी ने 3 महीने तक मुफ्त राशन और अब नवम्बर तक 5 किलो अनाज व 1 किलो चना प्रतिमाह मिलता रहेगा।

इस पर 1.50 लाख करोड़ खर्च होने का अनुमान है, जिसके अन्तर्गत राजस्थान के 4 करोड़ 46 लाख लोगों को लाभ मिलेगा और 11 लाख 16 हजार 550 मीट्रिक टन 5 माह खाद्य अलोकेशन होगा एवं अगले 5 माह के लिए 3 हजार करोड़ रूपये की खाद्यान्न हेतु वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है।

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वहीं ‘‘वन नेशन-वन राशन’’ भारत की खाद्यान्न एवं आपूर्ति सिस्टम में आमूलचूल परिवर्तन लाएगी, जिससे प्रवासी मजदूरों एवं गरीबों को लाभ प्राप्त होगा, वो कहीं भी रोजगार करें उन्हें उनके राशन कार्ड पर राशन मिलता रहेगा।

डाॅ. पूनियां ने कहा कि मनरेगा में 40 हजार करोड़ की अतिरिक्त राशि जो पहले से 66 प्रतिशत अधिक है। ग्रामीण विकास मंत्रालय का बजट बनकर 1,95000 करोड़ हो गया है।

जिसमें राजस्थान को 8549.57 करोड़ रूपये प्रदान किये गये। साथ ही गरीब कल्याण रोजगार योजना में 6 राज्यों के 116 जिलों में 125 दिनों तक रोजगार दिया जायेगा, जिसमें राजस्थान के 22 जिले भी शामिल है। इसके अन्तर्गत 50 हजार करोड़ रूपये के सार्वजनिक कार्य कराए जाएंगे।

डाॅ. पूनियां ने कहा कि ‘‘आत्मनिर्भर भारत’’ के अन्तर्गत केसीसी के 70.32 लाख क्रेडिट कार्ड सरकार का लक्ष्य, ढाई करोड़ किसानों को 2 लाख करोड़ का रियायती ऋण देना है एवं कृषि कल्याण, पशु पालन और काॅन्टेक्ट फार्म में भी क्रान्तिकारी परिवर्तन आयेगा।

किसानों को ‘‘वन नेशन-वन मार्केट’’ के अन्तर्गत किसी भी राज्य में फसल बेचने की अनुमति प्रदान करना एवं फसलों का ‘‘समर्थन मूल्य’’ बढ़ाना मोदी सरकार को किसानों के हितों में केवल बात ही नहीं काम करने की प्रमाणिकता भी प्रदान करती है।

उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार ने लाॅकडाउन पीरियड में 74,300 करोड़ रूपये के कृषि उत्पाद की खरीद की। 
डाॅ. पूनियां ने कहा कि रक्षा क्षेत्र में मेक इन इण्डिया-एफडीआई के कारण से भारत की अन्य देशों पर हथियारों एवं रक्षा उपकरणों की निर्भरता समाप्त होगी।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के प्रवासियों एवं गरीबों के लिए कम किराये वाले आवासीय परिसरों का विकास किया जायेगा, जो कि मजदूरों को राहत प्रदान करेगा।

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वहीं केन्द्र सरकार द्वारा ईपीएफ में 24 प्रतिशत की मंजूरी देने से विभिन्न व्यवसायों एवं प्रतिष्ठानों में काम करने वाले 72 लाख कर्मचारियों को इसका लाभ प्राप्त होगा। 

डाॅ. पूनियां ने राज्य सरकार से मांग की है कि केन्द्र सरकार द्वारा गरीब जनता, जरूरतमंदों एवं प्रवासियों को निःशुल्क अनाज उपलब्ध करवा रही है, वहीं राज्य सरकार बीपीएल, एनएफएसए के अन्तर्गत दिये जाने वाले राशन का 1 रूपये किलो, 2 रूपये किलो से पैसा वसूल रही है।

इस महामारी काल में राज्य सरकार से आग्रह है कि जनता से प्रति किलो लिया जाने वाला पैसा ना लिया जाये, जिससे की राजस्थान की जनता को इस कोरोना महामारी में राहत मिल सके।

‘‘आत्मनिर्भर भारत अभियान’’ के अन्तर्गत योजनाओं के प्रचार-प्रसार एवं क्रियान्वयन की गतिविधियों के लिए भाजपा प्रदेशाध्यक्ष डाॅ. सतीश पूनियां ने 5 सदस्यीय समिति का उपनेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़ की अध्यक्षता में गठन किया गया है, जिसमें सांसद रामचरण बोहरा, पूर्व मंत्री सुशील कटारा, विधायक अनिता भदेल, महेन्द्र बोहरा सदस्य हैं।