भाजपा प्रदेश अध्यक्ष को विशेषाधिकार हनन के नोटिस पर सियासी रार

जयपुर। पिछले दिनों राज्य सभा चुनाव के दौरान राजनीतिक बयानों को लेकर निर्दलीय विधायक संयम लोढ़ा के द्वारा भाजपा के अध्यक्ष डॉ. सतीश पूनियां के खिलाफ विधानसभा में अध्यक्ष के समक्ष विशेषाधिकार हनन का नोटिस दिए जाने के मामले में विवाद खड़ा हो गया है।

जानकारी के मुताबिक इस प्रकरण में विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी की तरफ से भाजपा अध्यक्ष को नोटिस दिया गया है।

हालांकि, भाजपा अध्यक्ष ने स्पष्ट तौर पर कहा है कि उनको अभी तक किसी प्रकार का कोई भी नोटिस नहीं मिला है और यदि नोटिस मिलता है तो उसके अनुरूप समय पर उसका जवाब दिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि यह प्रकरण विशेषाधिकार हनन का है या नहीं है, इसको लेकर वे अभी कुछ भी नहीं कहेंगे।

इसको लेकर नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया ने कहा कि डॉ. पूनियां के बयान में 23 लोगों का जिक्र है, लेकिन कौन हैं ये उन्होंने नहीं बताया है, उन्होंने अपने बयान में कहा कि आगे बताऊंगा, इस कारण ये बयान विशेषाधिकार की श्रेणी में नही आता है।

इसके साथ ही कटारिया ने कहा कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी कहा था 35 करोड़ की डील हुई, यह बात उन्होंने किस आधार पर कही थी?उन्होंने कहा कि यदि उन्हें लगता है कि डैमेज किया है तो कोर्ट के माध्यम से अपील करें।

विधानसभा में प्रतिपक्ष के उपनेता राजेंद्र राठौड़ ने भाजपा अध्यक्ष डॉ. सतीश पूनियां से जुड़े विशेषाधिकार हनन के मामले पर बोलते हुए कहा कि इस तरह का कोई मामला बनता ही नहीं है।

राठौड़ ने कहा कि डॉ. पूनियां के खिलाफ इसलिए विशेषाधिकार हनन का कोई मामला नहीं बनता, क्योंकि नियमानुसार विधानसभा अध्यक्ष के पास नोटिस जाने पर विशेषाधिकार समिति को भेजा जाता है, लेकिन किसी विधायक का विशेषाधिकार हनन किया हो तब ही ऐसा मामला बनता है।

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उन्होंने कहा कि प्रदेश अध्यक्ष डॉ. सतीश पूनियां ने किसी विधायक का नाम ही नहीं लिया था, ऐसे में मामला बनने की कोई गुंजाईश नहीं है।

उल्लेखनीय है कि भाजपा अध्यक्ष डॉ. पूनियां ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर आरोप लगाया था कि राज्यसभा चुनाव के दौरान 24 विधायकों को खान आवंटन, रीको क्षेत्र में प्लॉट आवंटन और केस ट्रांजेक्शन के द्वारा कांग्रेस उम्मीदवारों के पक्ष में वोट दिलाने का प्रलोभन दिया गया था।

भाजपा अध्यक्ष के इसी बयान को लेकर निर्दलीय विधायक संयम लोढ़ा के द्वारा विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सीपी जोशी के समक्ष विशेषाधिकार हनन का नोटिस दिया गया था, जिसपर डॉ. पूनियां को नोटिस जारी किए जाने की बात सामने आई है।