एमएचआरडी के फाइनल ईयर एग्जाम कराने की अनुमति ने राजस्थान सरकार की निकाली हेकड़ी

राजस्थान सरकार ने 3 दिन पहले ही राजस्थान के सभी विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों की तमाम परीक्षाओं को निरस्त कर सभी स्टूडेंट्स को प्रमोट करने का फैसला किया था, लेकिन मानव संसाधन विकास मंत्रालय की तरफ से सोमवार देर रात फाइनल के एग्जाम कराने की अनुमति देकर राजस्थान सरकार की सारी हेकड़ी निकाल दी है।

भारत सरकार के गृह मंत्रालय ने मानव संसाधन विकास मंत्रालय को फाइनल ईयर के एग्जाम कराने के लिए अनुमति दे दी है। इसके बाद राजस्थान सरकार द्वारा किसी भी तरह की परीक्षा आयोजित नहीं करवाने यह फैसले पर सवाल खड़े हो गए हैं।

गृह मंत्रालय से आदेश मिलने के बाद मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने सभी राज्य सरकारों को निर्देशित किया है कि अपने यहां पर स्नातक फाइनल ईयर और स्नातकोत्तर फाइनल ईयर की परीक्षाएं आयोजित करवाने के लिए समय निर्धारित करें।

इससे पहले जो उनके अंतिम दिनों में राजस्थान सरकार ने दसवीं कक्षा और बारहवीं कक्षा के बोर्ड के बचे हुए पेपर की परीक्षाएं आयोजित करवा कर खुद की पीठ थपथपाई थी। राज्य के शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा ने 16 लाख विद्यार्थियों के परीक्षा देने पर खुद की सरकार और मुख्यमंत्री को बधाई दी थी।

इसके बाद 2 दिन पहले ही मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, उच्च शिक्षा मंत्री भंवर सिंह भाटी समेत कैबिनेट के वरिष्ठ मंत्रियों की बैठक में फैसला किया गया कि राजस्थान में स्नातक और स्नातकोत्तर की तमाम परीक्षाएं निरस्त की जाएगी और सभी स्टूडेंट को प्रमोट किया जाएगा।

हालांकि भंवर सिंह भाटी ने तब कहा था कि मानव संसाधन विकास मंत्रालय के दिशा निर्देशों के बाद स्नातक फाइनल ईयर होगा, आपको उत्तर फाइनली के स्टूडेंट्स को अंकों का आवंटित करने का फैसला किया जाएगा।

यह भी पढ़ें :  डॉ. सतीश पूनियां कितने जिम्मेदार हैं निकाय चुनाव में भाजपा की हार के लिये?

गृह मंत्रालय और मानव संसाधन विकास मंत्रालय से अनुमति मिलने के बाद विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने सभी विश्वविद्यालयों के लिए परीक्षा करवाने के लिए नई गाइडलाइन जारी कर दी है।