बैंक का नोटिस मिलते ही किसान ने जहर पीकर जान दे दी

kisan ne zahar khaya
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अजमेर।

राजस्थान में विधानसभा चुनाव से पहले कृषकों के कर्जमाफ करने के वादे और राजस्थान सरकार द्वारा कर्जमाफ करने के दावों के बीच किसानों की आत्महत्या रुकने का नाम नहीं ले रही है।

राज्य के अजमेर जिले में रविवार को 40 वर्षीय एक और लादूसिंह किसान ने जहर खाकर सुसाइड कर लिया। बताया जा रहा है कि उसको मरने के 2 घंटे पहले ही बैंक का 6 लाख रुपए जमा कराने का नोटिस मिला था।

मृतक किसान निशक्तजन है और कर्ज उसके दादा ने ले रखा था, वह उसमें गारंटर था। मृतक किसान के पिता की पहली ही मृत्यु हो चुकी थी। उसके परिवार में मां, भाई और दादा हैं, वह खुद अविवाहित था।

विषाक्त खाने के तुरंत बाद उसको स्थानीय जेएलएन अस्पताल में भर्ती करवाया गया, जहां उसने दम तोड़ दिया। रविवार को सुबह ही बैंक वाले उसके घर आए और नोटिस देकर पैसा जमा कराने की धमकी देकर गए थे।

बताया जा रहा है कि दो अधिकारी मृतक किसान के गांव तेलाड़ा गांव आए नोटिस के साथ धमकी दी कि पैसा जमा नहीं करवाया तो उसकी सारी जमीन बेच दी जाएगी।

लादूसिंह के दादा विजय सिंह ने बताया कि उन्होंने शामलाती भूमि में 6 लाख रुपए का कर्ज ले रखा है, जिसका गारंटर उसका पोता लादूसिंह था।

गौरतलब यह भी है कि राजस्थान में साल 2018 में सभी सहकारिता से लिए गए सभी किसानों का 50 हजार रुपए तक का कर्जामाफ करने दावा तत्कालीन मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सरकार ने किया था। तब भाजपा की सरकार थी।

उसके बाद राज्य में दिसंबर 2018 के दौरान चुनाव बाद सरकार बदली तो अशोक गहलोत सरकार ने भी कर्जमाफ करने का दावा किया है। गहलोत सरकार का कहना है कि उन्होंने 18 हजार करोड़ रुपए का कर्जामाफ किया है। अभी राज्य में कांग्रेस की सरकार है।

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इधर, राज्य सरकार के आंकड़ों के मुताबि​क दिसंबर 2018 तक प्रदेश के करीब 59 लाख किसान परिवारों के उपर लगभग 99 हजार करोड़ रुपए का कर्जा था। जिसमें सहकारिता, सरकारी बैंक और निजी बैंक शामिल हैं।