2 साल 2 माह के मुख्य सचिव डीबी गुप्ता को राजस्थान सरकार ने आधी रात क्यों हटाया?

जयपुर

राजस्थान सरकार ने गुरुवार आधी रात राज्य की ब्यूरोक्रेसी में बड़ा बदलाव करते हुए भारतीय प्रशासनिक सेवा के 103 अधिकारियों को इधर-उधर किया है।

इस तबादला सूची में सबसे चौंकाने वाला नाम मुख्य सचिव डीबी गुप्ता का है, जिनको 2 साल और 2 माह बाद चीफ सेक्रेटरी के पद से हटाया गया है। डीडी गुप्ता को तत्कालीन वसुंधरा राजे सरकार ने अप्रैल 2018 में मुख्य सचिव बनाया था।

डीबी गुप्ता की जगह अशोक गहलोत सरकार ने मुख्य सचिव के पद पर राजीव स्वरूप को लगाया गया है। राजीव स्वरूप इससे पहले गृह विभाग में अतिरिक्त मुख्य सचिव थे।

उनकी जगह पर रोहित कुमार सिंह को गृह गृह रक्षा जेल एवं राजस्थान राज्य अन्वेषण ब्यूरो एवं पदेन मुख्य सतर्कता आयुक्त एवं अतिरिक्त मुख्य सचिव परिवहन विभाग के पद पर जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके साथ ही जयपुर में कलेक्टर जोगाराम पटेल की जगह अतर सिंह नेहरा को लगाया गया है।

सोचने वाली बात यह है कि 3 महीने और 8 दिन बाद रिटायर होने वाले डीबी गुप्ता को अशोक गहलोत की करीब 20 महीने पुरानी सरकार ने अचानक रात को हटाकर क्या मैसेज दिया है?

ब्यूरोक्रेसी में हमारे सूत्रों की बात पर विश्वास किया जाए तो मुख्य सचिव डीबी गुप्ता से कोरोनावायरस की इस वैश्विक महामारी के दौरान राजस्थान सरकार नाराज बताई जा रही है। इसके अलावा कई मंत्रियों और विधायकों ने भी निधि गुप्ता की मुख्यमंत्री गहलोत को शिकायत की है।

हालांकि वर्तमान सरकार में 20 महीने मुख्य सचिव पद पर रहने के बाद किसी को इस बात का अंदेशा नहीं था कि अशोक गहलोत सरकार इस तरह से रिटायरमेंट के महज 3 महीने पहले डीबी गुप्ता को पद से हटाकर अपमानित करेगी।

यह भी पढ़ें :  NHM भर्ती मामले की CBI जांच में निकलेगा करोड़ों रुपयों का भ्रष्टाचार

बताया जा रहा है कि कंटेंटमेंट जोन और इसके अतिरिक्त कर्फ्यू के दौरान प्रदेश में कानून व्यवस्था को बेहतर तरीके से हैंडल करने के कारण गृह सचिव राजीव स्वरूप को पुरस्कृत करते हुए राजस्थान सरकार ने मुख्य सचिव बनाया है।