भाजपा नेता की 107 बीघा जमीन अतिक्रमण से मुक्त कराई, यहां 1200 बीघा में आईएएस-आईपीएस अधिकारियों के हैं फार्म हाउस

राजस्थान सरकार के द्वारा भारतीय जनता पार्टी के नेता रामनारायण मीणा की वन विभाग की बताई जा रही जमवारामगढ़ विधानसभा क्षेत्र के आकेड़ा डूंगरी गांव में स्थित अतिक्रमण बताई गई करीब 107 बीघा जमीन खाली करवाई गई है।

कब्जा हटाई गई 1200 बीघा जमीन में से 107 बीघा जमीन अकेले रामनारायण मीणा की थी, बाकी जमीन पर अन्य कई अधिकारियों और जजों के फार्म हाउस हैं। बताया जाता है कि इनमें से 10 से अधिक फार्म हाउस भाजपा नेताओं के थे, बाकी आईएएस-आईपीएस अधिकारियों और कुछ जजों के भी फार्म हाउस हैं।

इधर, रामनारायण मीणा का कहना है कि उनके पास 100 साल पुरानी रजिस्ट्री पड़ी हुई है। जिसको देखे बिना और उनको नोटिस दिए बिना ही कोर्ट से आदेश करवा कर कुछ अधिकारियों ने मिलीभगत से एकतरफा कार्रवाई की है। उनकी जमीन समतल कर कास्त के लिए तैयार की हुई कृषि भूमि को तहस-नहस किया गया है।

रामनारायण मीणा जमवारामगढ़ से विधायक का लड़ चुके हैं और भाजपा की वसुंधरा राजे सरकार में उनको राज्यमंत्री का दर्जा हासिल था। मीणा का कहना है कि डीएफओ उपेंद्र शर्मा को उनसे व्यक्तिगत तकलीफ है, जिसके कारण ईर्ष्यावश यह कार्रवाई की गई है।

रामनारायण मीणा का कहना है कि राज्य सरकार ने उनकी सुनवाई किए बगैर और उनकी 107 बीघा जमीन को जिस पर वह पिछले 100 साल से काश्तकारी कर रहे थे, उसको बिना किसी नोटिस दिए उनके मकान तोड़ दिए गए और लाखों रुपए का सामान उसमें दबा दिया गया।

वन विभाग की इस कार्रवाई के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में जाने की चेतावनी देते हुए रामनारायण मीणा कहते हैं, कि कांग्रेस की सरकार को बीजेपी नेताओं के साथ इस तरह एकतरफा कार्रवाई करने में ज्यादा मजा आ रहा है।

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रामनारायण मीणा का कहना है कि जिस जमीन के लिए वन विभाग हाई कोर्ट से केस हार गया और उनके दावे को कमजोर बताकर सुप्रीम कोर्ट से आर्डर करवा लिया। उसकी सारी रजिस्ट्री उनके पास पड़ी हुई है। सुप्रीम कोर्ट ने वन भूमि बनाने के लिए कहा था। इसके लिए उनको मुआवजा मिलना चाहिए था, लेकिन ऐसा कुछ नहीं गया गया।

मीणा दो बार चुनाव लड़ चुके हैं। उनको वसुंधरा राजे सरकार में राज्यमंत्री का दर्जा प्राप्त था। वे राजस्थान भूदान बोर्ड के अध्यक्ष रह चुके है, तथा रिटायर्ड आरपीएस अधिकारी हैं। उनको वसुंधरा के नजदीकी माना जाता है। वक राजस्थान आदिवासी मीणा संघ के अध्यक्ष भी है