अरबों रुपयों के ग्रीनफील्ड कार्गो एयरपोर्ट प्रोजेक्ट का बेड़ा गर्ग करना चाहते हैं अशोक गहलोत

जयपुर।

केंद्र सरकार के नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर पर व्यापार सुगम बनाने के लिए अलवर जिले के भिवाड़ी में एक ग्रीन फील्ड कार्गो एयरपोर्ट के निर्माण को मंजूरी दी थी और इसके लिए 10000 करोड रुपए भी मंजूर किए थे।

इस ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट के तैयार होने के बाद न केवल अलवर जिले का विकास होगा, बल्कि पूरे प्रदेश वासियों के लिए रोजगार के नए द्वार खुलेंगे। लेकिन प्रदेश की अशोक गहलोत सरकार इसी ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट की भूमि पर एक छोटी सी हवाई पट्टी का निर्माण कराकर ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट की पूरी योजना को ही खटाई में डालना चाहती है।

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और क्षेत्रीय विधायक दीपचंद खेरिया पर यह आरोप लगाया है किशनगढ़ बास के पूर्व विधायक राम सिंह यादव ने।

हवाई पट्टी बनाने की जरूरत के पीछे सरकार का तर्क यह बताया जाता है कि अलवर जिले का अब तक हवाई सेवा से जुड़ाव नहीं हो पाया है, लेकिन इसके साथ ही एक काली सच्चाई यह भी है कि वर्ष 2001 में राज्य सरकार ने अकाल राहत योजना के तहत थानागाजी में 1050 मीटर लंबी और 30 मीटर चौड़ी हवाई पट्टी का निर्माण करवाया था।

लेकिन इसकी उपेक्षा तथा देखरेख के अभाव में यहां पर करना तो दूर, हेलीकॉप्टर भी उतरना संभव नहीं है।

भिवाड़ी के ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट में मेगा प्रोजेक्ट के तहत के प्रथम चरण में 636 हेक्टेयर पर कोटकासिम एरोसिटी का विकास किया जाएगा तथा इसका कार्य शुरू हो चुका है।

माना जा रहा है कि यदि यह प्रोजेक्ट पूरा हो जाता है तो कोटकासिम और तिजारा तहसील के क्षेत्र नॉर्थ इंडिया के सबसे बड़े कार्गो एंड लॉजिस्टिक हब बन जाएंगे।

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पूर्व विधायक राम सिंह यादव ने पत्रकारों को बताया कि राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत क्षेत्रीय विधायक के कहने पर कोटकासिम में जहां हवाई पट्टी का निर्माण कराना चाहते हैं, वह 2017 में केंद्र सरकार ने पहले ही अपने रीजनल प्लान में भिवाड़ी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को मंजूरी देकर 10:30 हजार करोड़ का प्रावधान भी कर चुकी है।

कोटकासिम एयरपोर्ट बनाने की मंजूरी दे दी गई थी, इसके बाद अलवर सांसद रहे महंत चांदनाथ के प्रयास रंग लाए और 2017 में केंद्र सरकार ने इस प्लान के अंदर शामिल किया और कोटकासिम क्षेत्र में बनने वाले अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का प्लान देकर तैयार कर साडे ₹10000 की मंजूरी प्रदान की गई।

इसके फर्स्ट पेज का निर्माण कार्य अप्रैल 2019 में शुरू हो चुका था, और यह किया सुनिश्चित किया गया और इसे 2024-2025 तक चार चरणों में पूरा कराया जाना प्रस्तावित है इस दौरान सांसद का निधन हो गया और उपचुनाव में डॉक्टर करण सिंह यादव जीतकर सांसद बन गए।

यादव का कहना है कि प्रदेश के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत सरकार विधायक दीपचंद खेरिया नहीं चाहते हैं कि कोटकासिम क्षेत्र की जनता को अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का लाभ मिले। मुख्यमंत्री गहलोत ने हवाई अड्डे के लिए भूमि अधिग्रहण कर केंद्र सरकार को भेजने का काम तो नहीं किया, बल्कि क्षेत्र की विकास को रोकने और किसानों की भूमि को बर्बाद करने के लिए हवाई पट्टी के निर्माण से एयरपोर्ट को रोकने का काम जरूर कर दिया है।

राजस्थान की नागरिक नीति बनाने वाले कैप्टन केसरी सिंह ने 9 जून 2020 को जिला कलेक्टर को पत्र लिखकर नवीन हवाई अड्डे कोटकासिम में बनाए जाने को लेकर भूमि अधिग्रहण के संबंध में रिपोर्ट मांगी है।

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