राजस्थान: विधायक कॉमरेड बलवान पूनिया को पार्टी ने एक साल के लिए निकाला, पढ़िए क्या है मामला

जयपुर।

मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के राजस्थान से दो विधायक हैं। जिनमें से एक विधायक को आज पार्टी की तरफ से बैठक करने के बाद 1 साल के लिए निलंबित कर दिया गया है, उनसे 7 दिन के भीतर जवाब मांगा है।

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भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) कि आज जयपुर के मजदूर भवन में बैठक हुई। जिसमें पार्टी का अनुशासन तोड़ने और पार्टी लाइन से ऊपर जाकर मतदान करने के आरोप में उनको 1 साल के लिए पार्टी से निलंबित किया गया है।

कामरेड बलवान पूनिया के निलंबन की जानकारी देते हुए पार्टी के राज्य सचिव अमराराम ने बताया कि पार्टी के द्वारा लिए गए निर्णय के विरुद्ध जाकर बलवान पूनिया ने मतदान किया है। जिसके लिए उनको 1 वर्ष के लिए पार्टी की सदस्यता से निलंबित किया गया है और नोटिस जारी कर 7 दिन में जवाब मांगा है।

उल्लेखनीय है कि भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के राजस्थान में 2 विधायक हैं, जिन्होंने कांग्रेस के राज्यसभा उम्मीदवारों के पक्ष में मतदान किया था। दोनों विधायकों को अशोक गहलोत की सरकार के अन्य विधायकों के साथ 10 दिन तक दिल्ली रोड स्थित एक रिसोर्ट में रखा गया था।

माना जा रहा है कि कम्युनिस्ट पार्टी के द्वारा अपने विधायक को कांग्रेस की अशोक गहलोत सरकार के पक्ष में मतदान नहीं करने के लिए निर्देश दिए गए थे, लेकिन बलवान पूनिया ने और निर्देशों को नहीं माना और कांग्रेस के उम्मीदवारों को मतदान किया।

इस मामले को लेकर भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ सतीश पूनिया ने कांग्रेस सरकार और 23 विधायकों पर आरोप लगाते हुए कहा था कि सरकार ने इन विधायकों को खान आवंटन, रीको क्षेत्र में जमीन देने और कैश ट्रांजैक्शन करने का कार्य किया है।

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भाजपा अध्यक्ष के इस बयान के बाद राजस्थान की राजनीति और गरमा गई है। सिरोही से निर्दलीय विधायक, जिनको अशोक गहलोत का खास माना जाता है, संयम लोढ़ा ने भाजपा अध्यक्ष डॉ पूनिया के खिलाफ विधानसभा अध्यक्ष के समक्ष विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव पेश किया है।

भाजपा अध्यक्ष ने विशेषाधिकार हनन के प्रस्ताव पर कहा है कि आरोप-प्रत्यारोप राजनीति में कोई नई बात नहीं है, लेकिन जिस तरह से संयम लोढ़ा एक एजेंट की तरह विधानसभा के भीतर और बाहर अशोक गहलोत के लिए काम करते हैं, उससे इसमें अतिशयोक्ति वाली कोई बात नहीं है कि उन्होंने विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव लाया है।