23 विधायकों की डील के मामले में भाजपा अध्यक्ष डॉ. सतीश पूनिया के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव पेश

जयपुर

19 जून को राजस्थान की तीन राज्यसभा सीटों के लिए संपन्न हुए राज्यसभा चुनाव के साथ ही राजस्थान में राजनीति खत्म होने के बजाय और बढ़ने की कगार पर पहुंच चुकी है।

तमाम तरह के आरोप प्रत्यारोप के बीच भले ही उम्मीद के मुताबिक 19 जून को संपन्न राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस के दो और भाजपा का एक उम्मीदवार जीतकर राज्य सभा पहुंच गया, किंतु इसके साथ ही एक निर्दलीय विधायक ने भाजपा के अध्यक्ष डॉ सतीश पूनिया के खिलाफ विशेषाधिकार का प्रस्ताव पेश किया है।

सिरोही से निर्दलीय विधायक, जोकि कभी कांग्रेस के विधायक हुआ करते थे, संयम लोढ़ा ने भाजपा के अध्यक्ष डॉ सतीश पूनिया के खिलाफ राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी के समक्ष विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव पेश किया है।

गौरतलब है कि 1 दिन पहले ही भाजपा अध्यक्ष पूनिया ने अशोक गहलोत पर तीखा राजनीतिक हमला करते हुए कहा था कि जिस होटल रूपी बाड़े में लगातार 10 दिन तक कांग्रेस निर्दलीय और दो छोटे दलों के विधायक रहे वहां पर 23 विधायकों को खनन आवंटन, रीको में प्लाट देने और कैश ट्रांजैक्शन का कार्य किया गया है।

इस मामले को लेकर भाजपा अध्यक्ष ने रविवार को झुंझुनू में प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए एक बार फिर से अपने आरोप पर कायम रहते हुए कहा कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के द्वारा यह कुकृत्य किया गया है और निकट भविष्य में सभी 23 विधायकों के नाम और सबूत सामने रखे जाएंगे।

भाजपा अध्यक्ष के इन आरोपों को लेकर अशोक गहलोत के बेहद करीबी माने जाने वाले निर्दलीय विधायक संयम लोढ़ा ने उनके खिलाफ विधानसभा अध्यक्ष के समक्ष विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव पेश किया है। हालांकि अध्यक्ष सीपी जोशी की तरफ से अभी इस मामले में कोई बयान नहीं आया है।

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बताया जा रहा है कि डॉ. सतीश पूनिया की तरफ से भी मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के द्वारा भाजपा की ओर से 35 करोड रुपए दिए जाने के आरोप को लेकर विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव पेश किए जाने की चर्चा की जा रही है।