वसुंधरा के सहायक कमठान ने स्वागत में बुलाये सभी विधायक, पहुंचे 4-5 ही

जयपुर।

शुक्रवार को होने वाले तीन राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी की बैठक में सीतापुरा स्थित एक होटल के बाहर जोरदार राजनीतिक ड्रामा हुआ।

भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे करीब करीब 5:00 बजे एक निजी होटल में, जहां पर भाजपा के विधायक 2 दिन से ठहरे हुए हैं, वहां पहुंची।

विधायक के तौर पर वसुंधरा राजे के पहुंचने से पहले ही उनके निजी सहायक धीरेंद्र कमठान भी पहुंचे। वो कोई एक घंटे पहले ही मौके पर पहुंचे।

उन्होंने सभी विधायकों को फोन करके वसुंधरा राजे के होटल में पहुंचने और उनके स्वागत करने के लिए नीचे बुलाया, लेकिन इसके बावजूद 4-5 विधायकों को छोड़कर कोई भी वसुंधरा के स्वागत के लिए नहीं पहुंचा।

सांगानेर के विधायक अशोक लाहोटी की अगुवाई में चार-पांच विधायकों ने वसुंधरा राजे का स्वागत किया और उनको अन्य विधायकों के साथ ऊपर ले गए।

हालांकि, इसके साथ ही भारतीय जनता पार्टी के द्वारा 2 दिन से मीडिया को होटल में एंट्री नहीं देकर अपनी निजता बचाए रखने के लिए जो प्रयास किए जा रहे थे, वह भी टूट गए।

सूत्रों के मुताबिक वसुंधरा राजे के निर्देश पर धीरेंद्र कमठान ने होटल के बाहर मौजूद 4-5 मीडियाकर्मियों को होटल के अंदर बुलाया और उनके साथ चाय-पानी के साथ बातचीत की।

जब वसुंधरा राजे होटल पहुंची और उनका नीचे चार-पांच विधायक स्वागत कर रहे थे, तभी भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ सतीश पूनिया, राष्ट्रीय प्रभारी मुरलीधरन, नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया, नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र सिंह राठौड़, केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत और संगठन महामंत्री वी सतीश तय समय के मुताबिक सत्र ले रहे थे।

यह भी पढ़ें :  SOG ने राजस्थान में पसंदीदा मुख्यमंत्री बनाने की साजिश करने वाले 2 जनों की पहचान उजागर

वसुंधरा राजे के द्वारा अपना कथित “डेकोरम” बनाने और अपने निजी सहायक के द्वारा राज्य विधान सभा के सदस्यों को स्वागत के लिए बुलाने को लेकर राजनीतिक गलियारों में इस बात की चर्चा हो रही है कि संगठन की बैठक में वसुंधरा राजे के निजी सहायक धीरेंद्र कमठान के द्वारा किस कैपेसिटी में विधायकों को नीचे बुलाया गया और उनको वसुंधरा राजे के स्वागत के लिए मजबूर किया गया?

गौरतलब है कि तत्कालीन मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के कार्यकाल के दौरान कांग्रेस पार्टी की तरफ से भी वसुंधरा राजे के निजी सहायक धीरेंद्र कमठान के ऊपर भ्रष्टाचार के कई आरोप लगाए गए थे।