मोदी सरकार की उपलब्धियों को लेकर राजस्थान में भाजपा की पहली वर्चुअल रैली 14 जून को, जुड़ेंगे लाखों लोग

-मुख्यमंत्री अशोक गहलोत विधायकों से माफी मांगें, प्रमाण हैं तो पेश करें: डॉ. सतीश पूनियां

जयपुर।

केन्द्र की मोदी सरकार की एक साल की उपलब्धियों एवं आत्मनिर्भर भारत अभियान के बारे में प्रदेश के आमजन को जानकारी देने के लिये 14 जून को राजस्थान में भाजपा की पहली वर्चुअल रैली होगी, जिसको लेकर जोर-शोर से तैयारियां चल रही हैं।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. सतीश पूनियां ने 14 जून शाम 4:00 बजे होने वाली भाजपा राजस्थान की “राजस्थान जन संवाद” वर्चुअल रैली के पोस्टर का विमोचन किया।

इस वर्चुअल रैली को मुख्य वक्ता के रूप में केंद्रीय कपड़ा, महिला एवं बाल विकास मंत्री ल स्मृति ईरानी संबोधित करेंगी।

डॉ. सतीश पूनियां का कहना है कि विश्व का सबसे बड़ा राजनीतिक संगठन होने का भाजपा ने रिकॉर्ड बनाया ही है, साथ ही एक रिकॉर्ड वैश्विक महामारी कोरोना के कारण जो कार्यपद्धति बदली, उसमें डिजिटल प्लेटफॉर्म पर राजनीतिक गतिविधियां भी शुरू हुई हैं।

इसी क्रम में भाजपा विश्व की सबसे पहले पार्टी है जिसने सबसे बड़ी वर्चुअल रैली को संबोधित किया, पिछले दिनों में बिहार में केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कई लाख लोगों की विशाल वर्चुअल रैली को संबोधित किया था।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. पूनियां ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी 14, 20 और 27 जून को तीन बड़ी वर्चुअल रैलियां करेगी, जिन्हें पार्टी के केन्द्रीय स्तर के वरिष्ठ नेता संबोधित करेंगे।

इसी क्रम में प्रदेश के सभी 200 विधानसभा क्षेत्रों में 400 वीडियो कांफ्रेंस के जरिये हम अपने कार्यकर्ताओं एवं मतदाताओं तक पहुंच कर रहे हैं।

इसी प्रकार हजारों व्हाट्स ग्रुप्स के जरिये प्रदेशभर के मतदाताओं और कार्यकर्ताओं तक जुड़कर मोदी सरकार की योजनाओं के बारे में अवगत करायेंगे।

यह भी पढ़ें :  मोदी और वसुंधरा राजे के रुप में डबल इंजन मिलने जा रहा है

उन्होंने कहा कि, 14 जून को राजस्थान की पहली वर्चुअल रैली होगी, जिसको केन्द्रीय मंत्री स्मृति ईरानी संबोधित करेंगी और सोशल मीडिया एवं मीडिया के जरिये लाखों लोगों को मोदी सरकार की एक साल की उपलब्धियां, आत्मनिर्भर भारत अभियान इन तमाम बातों की जानकारी हम आमजन के समक्ष रखेंगे।

वहीं, डॉ. सतीश पूनियां ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर ट्वीट कर निशाना साधते हुये कहा कि, मुख्यमंत्री अशोक गहलोत जी विधायकों से माफ़ी मांगें।

क्या उनको लगता है कि एक विधायक की कीमत 25 करोड़ है,क्या उन्होंने दो बार राजस्थान में बसपा व निर्दलीय विधायकों को ऐसा कुछ दिया था?

भाजपा पर उनका आरोप बेबुनियाद है, प्रमाण है तो पेश करें, क्या एसीबी को पत्र विधायकों को डराने के लिए ही है?