Rajasthan: नहीं तो पर्यटन मंत्री विश्वेंद्र सिंह करेंगे इस सप्ताह में बड़ा उलटफेर!

जयपुर।

राजस्थान की अशोक गहलोत के नेतृत्व वाली राजस्थान सरकार बड़े सियासी संकट में फंस गई है। जैसे-जैसे राज्यसभा चुनाव नजदीक आते जा रहे हैं, वैसे वैसे प्रदेश कांग्रेस सरकार के गिरने की संभावनाएं बढ़ती जा रही है।

सूत्रों से मिली खबर के मुताबिक राजस्थान सरकार में पर्यटन मंत्री और भरतपुर के पूर्व राजघराने के सदस्य विश्वेंद्र सिंह इस सप्ताह के भीतर बड़ा राजनीतिक उलटफेर कर सकते हैं।

कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने देर रात विश्वेंद्र सिंह से भरतपुर में उनके निवास पर मुलाकात कर मनाने का भरपूर प्रयास किया है, लेकिन माने जाने की कोई सूचना सामने नहीं आई है।

दूसरी तरफ उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट पर सबकी निगाहें टिकी हुई है। उनके अलावा पर्यटन मंत्री विश्वेंद्र सिंह और राज्य के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री रमेश मीणा भी बगावत की तरफ बढ़ते हुए नजर आ रहे हैं।

पूर्वी राजस्थान में बीजेपी के राज्यसभा सदस्य डॉ किरोड़ी लाल मीणा के वर्चस्व को खत्म करने का दमखम रखने वाले मंत्री रमेश मीणा अब कांग्रेस पार्टी में धीरे-धीरे बड़े कद की तरफ बढ़ रहे हैं। हालांकि उनके द्वारा अभी तक खुलकर कोई बयान नहीं दिया गया है, फिर भी उनकी चुप्पी खासी महत्वपूर्ण है।

सचिन पायलट के खेमे से ही विश्वेंद्र सिंह, रमेश मीणा के अलावा नागौर के लाडनूं विधानसभा क्षेत्र से पहली बार चुनकर आए मुकेश भाकर बी बगावत कर सकते हैं।

माना जा रहा है कि पायलट के में से वर्तमान में अशोक गहलोत के खेमे में जा चुके प्रदेश के यातायात मंत्री प्रतापसिंह खाचरियावास भी इस घटनाक्रम के बीच कभी भी पाला बदलकर फिर से सचिन पायलट की तरफ जा सकते हैं।

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इस बीच जानकारी में आया है कि आज दूसरी बार कांग्रेस विधायक दल की बैठक हुई है, जिसमें भी सचिन पायलट ने स्पष्ट तौर पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के सामने गृह विभाग उनको दिए जाने की बात कही गई है।

राजनीतिक गलियारों में चर्चा जोरों पर है कि राज्य में 19 जून को होने वाले राज्यसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी कांग्रेस खेमे में हाथ डालकर कोई बड़ा खेल करने की फिराक में है, जिसके चलते अशोक गहलोत की सरकार बुरी तरह से सहमी हुई है।

जानकारी में यह भी आया है कि भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष और गृह मंत्री अमित शाह इस पूरे मामले की मॉनिटरिंग कर रहे हैं और उनके द्वारा दिए गए दिशा निर्देशों के आधार पर ही प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष डॉ सतीश पूनिया आगे कदम बढ़ा रहे हैं।

कहा तो यह भी जा रहा है कि पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे फिर से सक्रिय हो गई हैं और उन्होंने कांग्रेस के विधायकों को अपने पाले में लेने के लिए बड़ी रकम का प्रलोभन भी दिया है। ऐसा ही आरोप कांग्रेस के द्वारा भी लगाया गया है।

आपको यह भी बता दें कि जब से वसुंधरा राजे सत्ता से बाहर हुई है और डॉ सतीश पूनिया को अध्यक्ष बनाया गया है, तब से लेकर अब तक वसुंधरा राजे बिल्कुल ठंडे बस्ते में हैं और ऐसे समय में कोई सफलता हासिल करके वो फिर से मुख्यधारा में आना चाहती हैं।

कांग्रेस के द्वारा अपने सभी विधायकों को दिल्ली रोड पर स्थित होटल शिव विलास में ठहराया गया है। बताया जा रहा है कि कल रात को 108 विधायक होटल में थे, जबकि कुछ विधायकों ने मुख्यमंत्री से अचानक इस तरह से होटल में रुके जाने की खिलाफत करते हुए शिकायत भी की है।

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आज दोपहर में होटल शिव विलास में केवल 17 विधायक ठहरे हुए थे बाकी अन्य को अपने घर जाने की छूट दी गई है, ताकि वे दवा और जरूरी सामान लेकर आ सकें। लेकिन शाम को सभी विधायक वापस होटल में पहुंच जाएंगे।