राजस्थान: अब पुलिस तय करेगी असली और नकली पत्रकार कौन हैं?

-राजस्थान से बड़ी खबर।

जयपुर।

अब फर्जी पत्रकारों की खैर नहीं होगी, क्योंकि एक एप्लिकेशन पर राज्य सरकार ने कहा है कि फ़र्ज़ी पत्रकारों पर शिकंजा कसा जाएगा।

सरकार ने कहा है कि उच्चाधिकारी की इजाजत के बिना पुलिस वाले फर्जी पत्रकारों को इंटरवयू नहीं दे सकेंगे।

कहा गया है कि पत्रकार के नाम पर कैमरे लेकर घूमने वालो की अब खैर नही है। गृह सचिव राजीव स्वरूप ने सभी रेंज आईजी को पत्र लिखकर कहा है कि इस बात का ध्यान रखें।

बताया जा रहा है कि अब इस आदेश के बाद पत्रकारिता के नाम पर ब्लैकमेलिंग करने वालों के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है। क्योंकि ऐसे लोग जनता को ब्लैकमेल करते हैं।

राजस्थान प्रदेश में बिना रजिस्ट्रेशन के, नियमों से परे कई यूट्यूब न्यूज़ चैनल चल रहे हैं। हालांकि, सरकार की तरफ से अभी तक न्यूजपोर्टल या यूट्यूब चैनल के लिए कोई नियम या गाइड लाइन नहीं बनाई गई है।

जानकारी के मुताबिक एक अखबार के संपादक महेश झालानी ने एसीएस होम राजीव स्वरूप को पत्र लिखा है, जिसके बाद सरकार ने यह कदम उठाया है।

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