अशोक गहलोत सरकार थोड़े दिनों में खुद ही हिट विकेट हो जाएगी

जयपुर।

राजस्थान में जैसे-जैसे राज्यसभा की चुनाव नजदीक आते जा रहे हैं, वैसे ही राज्य की अशोक गहलोत सरकार चिंतित नजर आ रही है।

खुद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के द्वारा चिंतित होकर भाजपा के द्वारा उनकी सरकार को अस्थिर किए जाने के बयान के बाद भाजपा के अध्यक्ष डॉ सतीश पूनिया ने पलटवार करते हुए कहा है कि भाजपा को कुछ भी करने की जरूरत नहीं है, क्योंकि राजस्थान की गहलोत सरकार एक दिन खुद ही हिट विकेट हो जाएगी।

डॉ सतीश पूनिया ने पत्रकारों के साथ बात करते हुए कहा है कि गहलोत सरकार को गिराने के लिए दिल्ली के लोगों को फुर्सत नहीं है।

इस तरीके के लोगों पर ध्यान दें यह तो पहले तक तो मुख्यमंत्री बहुत परेशान है। उन्होंने कहा कि बाल भी बांका नहीं होगा, गहलोत कहते हैं कि राजस्थान को ऐसा नहीं करने देंगे, वैसा नहीं करने देंगे।

लेकिन जिस तरीके से सरकार हर मोर्चे पर विफल हुई है, कोरोना तो छोड़ दें और में पूरे तरीके से उन्होंने राजस्थान की जनता को ईश्वर के रहमों करम पर छोड़ दिया है, लेकिन राजनीतिक तौर पर भी और अंदरूनी तौर पर इतनी कमजोर है कि उनको आशंका है।

उन्होंने कहा कि हमारी तरफ से ना कोई पहल होगी, न ही कोई उल्टा-सीधा काम करेंगे, लेकिन यह पिछले तीन-चार दिन से मुख्यमंत्री गहलोत को ऐसा लगता है कि उनका घर ही कमजोर है। अपनी कमजोरी बीजेपी के माथे मढ़ना चाह रहे हैं।

भाजपा को कुछ करने की आवश्यकता ही नहीं है। आज नहीं तो कल, कल नहीं तो परसों, यह सरकार अपने आप एक विकेट हो जाएगी।

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पूनियां ने कहा कि जिस तरीके से गहलोत काम कर रहे हैं या तो सोचना पड़ेगा और नहीं तो मुझे लगता है कि सरकार ने नैतिकता बची नहीं है। सरकार में भारी अंतर्विरोध देखते हैं।

जिनके खुद के मंत्री विश्वेन्द्र सिंह और विधायक भरत सिंह या इनके जो विधायक कभी सवाल उठाते हैं।

अभी तक उन्होंने इस बात का जवाब नहीं दिया कि इस वैश्विक महामारी के संकट में जहां पर बहुत सारे लोग काम कर रहे थे, इनके मंत्री प्रभार वाले जिलों में कितनी बार गए?

उन्होंने अधिकारियों को कितने बार गया खुद अपने मुख्यमंत्री के निवास से राजस्थान की जनता को भरोसा दिलाने में कामयाब कितनी बार हुए?

यह कोई जवाब नहीं देंगे, तो मुझे लगता है कि कांग्रेस सरकार के भीतर अंतर्विरोध है, खुद की अपनी कमजोरियों बीजेपी के मढ़ना चाह रहे हैं, जबकि ऐसी
कोई बात मुझे नजर नहीं आ रही है कि राज्य सरकार को हमें अस्थिर करने की सोचनी भी पड़े।

भीलवाड़ा के जहाजपुर में बजरी माफिया द्वारा एसडीएम के वाहन चालक की कुचलकर हत्या कर दी गई के एक सवाल के जवाब में पूनियां ने कहा कि हम पहले से ही कहते आ रहे हैं कि राज्य में अपराध बेलगाम है।

इसकी गूंज विधानसभा में भी हुई है और कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता पूर्व मंत्री भरत सिंह ने सरकार की इन कमियों को लेकर मुख्यमंत्री को चिट्ठी लिखी है।

स्थानीय सरकार निश्चित रूप से शक के घेरे में है। बजरी माफिया के साथ सरकार की सांठगांठ उजागर हो चुकी है, और शायद यही कारण है कि यह कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर पाती है।

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