अशोक गहलोत सरकार ने 8900 गोशालाओं का विद्युत चार्ज, फ्यूल चार्ज और फिक्स चार्ज दोगुना किया

जयपुर।

राजस्थान विधानसभा में उपनेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़ ने राज्य सरकार द्वारा मई माह से राज्य में 2900 पंजीकृत व 6000 अपंजीकृत गौशालाएं जिनमें करीब 1.25 लाख गौवंश भामाशाहों व राज्य सरकार के सहयोग से पोषित हैं।

जिनकी विद्युत दरें, फ्यूल चार्ज व फिक्स चार्ज को दोगुना किए जाने की कड़े शब्दो में निंदा करते हुए गौ संवर्धन के लिए इसे तत्काल वापस लिये जाने की मांग की है।

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राठौड़ ने कहा कि वर्तमान में वैश्विक महामारी कोरोना के संकट काल में गौशालाओं को भामाशाहों से मिलने वाले सहयोग में अत्यधिक कमी आने व राज्य सरकार द्वारा मात्र पंजीकृत गौशालाओं में न्यूनतम 200 पशुधन होने पर ही अनुदान दिये जाने की नीति के कारण हजारो पंजीकृत व अपंजीकृत गौशालाओं का संचालन पूर्व में ही अत्यन्त कठिन हो गया है।

ऐसे संकट के समय राज्य सरकार द्वारा बढ़ी हुई विद्युत दरों, फ्यूल चार्ज तथा फिक्स चार्ज का दुगुने से ज्यादा वसूलना अव्यवहारिक है।

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राठौड़ ने कहा कि पूर्व में तत्कालीन सरकार द्वारा 23 नवंबर 2005 से पंजीकृत गौशाला, मंदिरों, धर्मशाला व विद्यालयों से घरेलु विद्युत दरों की आधी 50 प्रतिशत दरों का बिल लिये जाने के नीतिगत निर्णय को बदलकर सरकार ने हाल ही में नये टैरिफ प्लान 2020 में बढ़ाकर शत-प्रतिशत घरेलू दर व बढ़े हुए फिक्स चार्ज, फ्यूल चार्ज की राशि के साथ माह फरवरी के विद्युत बिलों में जोड़कर माह मई में वसूले जाने के निर्णय को पूर्णतया अव्यवहारिक बताया।

उन्होंने कहा कि इस निर्णय से राज्य में गौशाला, मंदिर, धर्मशाला व विद्यालयों के संचालन पर अनावश्यक भार पडे़गा जिससे इनका सुचारू रूप से संचालन किया जाना कठिन हो जायेगा।

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अतः राज्य सरकार बढ़ी हुई विद्युत दरें, फ्यूल चार्ज व फिक्स चार्ज की राशि को तत्काल प्रभाव से वापस ले।