अशोक गहलोत ने तोड़े दो-दो कानून, सरकार को बनाया मज़ाक, सज़ा कौन देगा?

जयपुर।

राजस्थान विधानसभा में उपनेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़ ने वक्तव्य जारी कर राज्य सरकार द्वारा ‘पॉलिटिकल टूरिज्म’ के नाम पर गुजरात के कांग्रेस विधायकों की बाड़ाबंदी आबूरोड स्थित एक होटल में किए जाने व राजस्थान महामारी अध्यादेश 2020, आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 तथा सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ाने को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है।

राठौड़ ने कहा कि वैश्विक महामारी कोरोना के अंदर केन्द्र सरकार की एडवाइजरी पर राज्य सरकार ने 8 जून से रेस्टोरेंट, होटल व मॉल्स को खोलने का फैसला किया है।

उन्होंने कहा कि एक ओर राजस्थान में सारे होटल व मॉल्स बंद है, ऐसी परिस्थितियों में राज्य सरकार ने किन अधिकारों का उपयोग करते हुए 48 घंटे पूर्व होटल खुलवाया और होटल में विधायकों की बाड़ेबंदी कराई गई।

राठौड़ ने कहा कि राजस्थान के अंदर दो कानून लागू करने की बात करने वाली कांग्रेस सरकार की जितनी भर्त्सना की जाए उतनी कम है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में सरेआम राजस्थान महामारी अधिनियम का उल्लंघन हो रहा था जिस पर जागरूक लोगों ने जब एफआईआर दर्ज कराने की बात कही तो उनकी एफआईआर दर्ज नहीं की गई।

राठौड़ ने कहा कि ऑनलाइन एफआईआर दर्ज करने वाली इस सरकार की कलई खुल गई है।

आज देश के अंदर बिखरती हुई कांग्रेस को एकजुट करने के लिए जिस प्रकार की बाडाबंदी कांगेस पार्टी को करनी पड़ी है उसकी जितनी भर्त्सना की जाए कम है।

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