आखिर क्यों बिक रहे हैं कांग्रेस के विधायक? जयपुर में फिर बाड़ाबंदी शुरू हो रही है

राज्यसभा की 18 सीटों के लिए 19 जून को चुनाव होंगे। उससे पहले एक बार फिर से कांग्रेसी खेमे में भारी हलचल मची हुई है।

गुजरात कांग्रेस के कई विधायकों के द्वारा इस्तीफा दिए जाने के बाद कांग्रेस पार्टी ने अपने 25 विधायकों को रविवार को जयपुर में शिफ्ट कर दिया।

कांग्रेस को डर है कि यदि विधायकों को खुला छोड़ा तो भाजपा के संपर्क में होंगे और कई विधायकों के इस्तीफे हो सकते हैं।

इससे पहले मार्च महीने में भी कर्नाटक, मध्यप्रदेश और गुजरात के कांग्रेस विधायकों को जयपुर की अलग-अलग चार होटलों में ठहराया गया था।

उल्लेखनीय है कि राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात, कर्नाटक समेत कई राज्यों में 19 जून को अट्ठारह राज्यसभा सीटों के लिए मतदान किया जाएगा।

राजस्थान में भी मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के द्वारा भाजपा पर उनकी सरकार को अस्थिर किए जाने का आरोप लगाकर राज्य की सियासत को गर्म करने का काम किया गया है।

अशोक गहलोत के बयान से स्पष्ट हो रहा है कि राजस्थान कांग्रेस में भी सब कुछ ठीक-ठाक नहीं है। कांग्रेस में ही उनके प्रतिद्वंदी उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट के ऊपर उनको शक हो रहा है।

आपको बता दें कि संख्या बल के आधार पर राजस्थान की 3 राज्यसभा सीटों में से 2 सीटों पर कांग्रेस पार्टी की जीत होगी, जबकि एक सीट बीजेपी के पाले में जाएगी। लेकिन बीजेपी के द्वारा अपने 2 उम्मीदवार खड़े किए जाने के कारण कांग्रेस पार्टी सकते में है।

दूसरी तरफ सूत्रों का दावा है कि भारतीय जनता पार्टी राजस्थान में न केवल निर्दलीय विधायकों, बल्कि बहुजन समाज पार्टी से कांग्रेस में शामिल हुए 6 विधायकों के भी संपर्क में है, जिसके चलते कांग्रेस परेशान है।

यह भी पढ़ें :  बोर्ड कक्षाओं को छोड़कर राजस्थान के सभी स्कूली छात्र पास, अगली कक्षाओं के लिए क्रमोन्नत

कोरोनावायरस की वैश्विक महामारी के दौरान राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और राज्य सरकार पर भेदभाव के आरोप लगे हैं। इसके चलते भारतीय जनता पार्टी को उम्मीद है कि निर्दलीय विधायक और बसपा के विधायक उनके साथ आ सकते हैं।

भले ही संख्या बल के आधार पर कांग्रेस पार्टी के दो उम्मीदवार जीतकर राज्यसभा में जाने यह पूरी संभावना हो, लेकिन यदि कुछ विधायकों के द्वारा भी क्रॉस वोटिंग कर दी गई तो राज्य की अशोक गहलोत सरकार पर बड़ा दाग लग जाएगा।

ऐसे ही दूसरे राज्यों में संकट है। मध्यप्रदेश में कांग्रेस की सरकार जा चुकी है, कर्नाटक में भी कांग्रेसी सरकार पहले ही सत्ता से बाहर हो चुकी है। गुजरात में कांग्रेस की हालत पतली है, इसलिए इन राज्यों के विधायकों को जयपुर में बाड़ाबंदी कर सुरक्षित किया जा रहा है।