राजस्थान सरकार की नाकामी के कारण कोटा थर्मल की समस्त इकाइयों में विद्युत उत्पादन बंद हुआ

नेशनल दुनिया जयपुर।

राजस्थान सरकार की नाकामी के चलते कोटा सुपर थर्मल पावर स्टेशन की समस्त इकाइयों में विद्युत उत्पादन बंद हो गया है।

करीब 10 दिन पहले तक कोटा थर्मल की सातों और विद्युत इकाइयां विद्युत उत्पादन कर रही थीं उसके बाद एक-एक करके विद्युत इकाइयों को बंद कर दिया गया है, तथा अंतिम 7वीं यूनिट में भी उत्पादन चल रहा था, जिसे भी अब बंद कर दिया गया है।

इसके पीछे कारण बताया जा रहा है कि विद्युत की डिमांड में कमी आई है। उधर छबड़ा थर्मल में पूरी कैपेसिटी से उत्पादन किया जा रहा है।

दरअसल छाबड़ा थर्मल में विद्युत उत्पादन की वेरिएबल कॉस्ट कोटा थर्मल से कम है। छबड़ा थर्मल में विद्युत उत्पादन की वेरिएबल कॉस्ट 2.30 रुपये प्रति यूनिट आती है, जबकि कोटा थर्मल में यह पोस्ट प्रति यूनिट ₹3 होती है।

बताया जाता है कि विद्युत की डिमांड के अनुसार ही विद्युत इकाइयों से उत्पादन किया जाता है डिमांड के अनुसार सबसे पहले छबड़ा थर्मल, उसके बाद कब कवाई स्थित अदानी थर्मल, उसके बाद झालावाड़ थर्मल से और अंत में कोटा थर्मल से विद्युत उत्पादन शुरू किया जाता है।

छबड़ा थर्मल में 250 मेगावाट की चार इकाइयों से 1000 मेगावाट विद्युत उत्पादन होता है। अब छड़बा थर्मल से 660 सुपरक्रिटिकल यूनिटी उत्पादन करने लगी हैं।

इस प्रकार कुल 2320 मेगावाट विद्युत उत्पादन होता है, जबकि कोटा थर्मल की 1240 मेगावाट विद्युत उत्पादन करती है।

कोटा थर्मल के चीफ इंजीनियर बताया कि 10 दिन पहले तक इकाइयों में विद्युत उत्पादन हो रहा था, लेकिन विद्युत की डिमांड की कमी के चलते यूनिट की विद्युत उत्पादन हो रहा था, वह भी बंद कर दिया गया है।

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मौसम के बिगड़े मिजाज में कमी आई है। उन्होंने बताया कि उसे विद्युत उत्पादन आदेशानुसार किया जाएगा