मुख्यमंत्री गहलोत भाजपा आपको क्यों अस्थिर करेगी, झगड़ा तो आपके घर में है: डॉ. सतीश पूनियां

-दिव्यांग विद्यार्थियों को विशेष शिक्षक उपलब्ध कराने की मांग को लेकर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र

-सरकारी स्कूलों में दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए विशेष शिक्षक उपलब्ध कराये राज्य सरकार: डॉ. सतीश पूनियां

नेशनल दुनिया, जयपुर।

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के भाजपा पर लगाये आरोपों पर राजस्थान भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. सतीश पूनियां ने पलटवार करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत आप इतने आशंकित क्यों हैं।

भाजपा आपको क्यों अस्थिर करेगी, झगडा तो आपके घर (कांग्रेस) में है, आपको आज लोकतंत्र की क्यों याद आ रही है, आपातकाल और अनुच्छेद 356 का दुरुपयोग किसने किया, राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ पर आप आरोप दिल्ली दरबार को खुश करने के लिए लगाते हैं।

डॉ. सतीश पूनियां ने कहा कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का उनकी सरकार के अस्थिर करने की आशंका वाले बयान पर आशंका हुई।

उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाया है, जो पूर्णतया निराधार हैं, उनके अपने घर में विग्रह है, ताज्जुब है बरसों से देश में लोकतंत्र की हत्या करने वालों को आज लोकतंत्र की याद आ रही है।

डॉ. सतीश पूनियां ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को पत्र लिखकर कहा कि प्रदेश के सरकारी विद्यालयों में दिव्यांग बच्चों के लिए विशेष शिक्षक और समुचित सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं।

जिसके कारण हजारों की संख्या में दिव्यांग बच्चे प्रदेश के सरकारी विद्यालयों से ड्रॉप आउट होने पर मजबूर हो गये हैं। इस श्रेणी के बच्चों को विशेष देखभाल की आवश्यकता रहती है।

ऐसे में जब सरकारी विद्यालयों में पर्याप्त संख्या में विशेष शिक्षक नहीं हैं तो परिजन बच्चों को स्कूल भेजने से कतराते हैं।

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डॉ. पूनियां ने पत्र में लिखा कि प्रदेश के सरकारी स्कूलों में विशेष शिक्षकों की कमी के चलते दिव्यांग बच्चों को शिक्षा के अधिकार से वंचित किया जा रहा है।

विशेष शिक्षकों और सुविधाओं की कमी के चलते ग्रामीण क्षेत्र के दिव्यांग बच्चे अधिक प्रभावित हैं, जहां सरकारी स्कूलों में उनके लिए विशेष शिक्षक और आवश्यक सुविधाओं का नितांत अभाव है।


भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. पूनियां ने मुख्यमंत्री एवं शिक्षा मंत्री को पत्र लिखकर निवेदन किया है कि, प्रदेश के समस्त सरकारी विद्यालयों में दिव्यांग बच्चों के लिए विशेष शिक्षक एवं समुचित सुविधाएं उपलब्ध कराने का श्रम करावें।