किसानों की सहायता के लिए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. सतीश पूनियां राज्यपाल राहत कोष में देंगे एक महीने का वेतन

-राज्यपाल ने डॉ. सतीश पूनियां की अनुकरणीय पहल का किया स्वागत

जयपुर, 3 जून।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं आमेर विधायक डॉ. सतीश पूनियां ने प्रदेश के किसानों के हित में बड़ी पहल करते हुए एक माह का वेतन राज्यपाल राहत कोष में देने की घोषणा की है, जिसकी राज्यपाल ने प्रशंसा की है।


राज्यपाल की अध्यक्षता में वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से राज्यपाल राहत कोष के लिये कोष संग्रहण एवं सलाह हेतु गठित समिति की बैठक हुई, जिसमें डॉ. सतीश पूनियां ने प्रदेश के किसानों की सहायता के लिए ‘राज्यपाल राहत कोष’ में एक महीने का वेतन देने की घोषणा की।

राज्यपाल कलराज मिश्र ने कहा कि, एक जिम्मेदार जनप्रतिनिधि के नाते डॉ. सतीश पूनियां की इस अनुकरणीय पहल का स्वागत है।


वीडियो कांफ्रेंस में राज्यपाल राहत कोष के लिए 18 वर्ष बाद बैठक करने पर डॉ. सतीश पूनियां ने राज्यपाल महोदय को धन्यवाद देते हुए कहा कि सलाहकार समिति का गठन और बैठकें अभिनंदनीय पहल है।

उन्होंने कहा कि अकाल एवं अभाव के अलावा ‘राज्यपाल राहत कोष’ के माध्यम से सेवाओं का विस्तार करना स्वागत योग्य कदम है ।


डॉ. पूनियां ने कहा कि ‘राज्यपाल राहत कोष’ से युद्धकाल में प्रभावित सैनिकों एवं उनके परिवारों की सहायता, किसानों को आपदाग्रस्त, सूखा, अतिवृष्टि, टिड्‌डी इत्यादि से नुकसान होने पर सहायता करना जनहित में बहुत ही सराहनीय फैसले हैं।


डॉ. पूनियां ने राज्यपाल को राज्य में संवैधानिक पद की भूमिका के अलावा संरक्षक की भूमिका एवं नवाचारों के लिए आभार व्यक्त किया।

उन्होंने कोविड-19 में राज्यपाल द्वारा प्रदेश के जनहित में किये गये प्रयासों एवं विश्वविद्यालयों में किये गये अनूठे नवाचारों के लिए साधुवाद दिया।

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वहीं, डॉ. सतीश पूनियां ने वीडियो कांफ्रेंसिंग में सुझाव देते हुये कहा कि प्रदेश के विश्वविद्यालयों के पूर्व छात्र जो आज देश एवं विदेशों में अच्छी नौकरी एवं व्यवसाय कर आर्थिक रूप से सक्षम हैं, उनको प्रोत्साहित कर राज्यपाल राहत कोष को मजबूत किया जा सकता है।

इसके अलावा उन्होंने कहा कि प्रदेशभर के भामाशाहों का समय-समय पर राजभवन में सम्मान किया जाना चाहिये, जिससे उनका मनोबल बढ़ेगा।


उसी प्रकार डॉ. पूनियां ने कहा कि, अप्रवासी राजस्थान राजस्थानी जो देश एवं विदेश में कार्यरत है एवं आर्थिक रूप से सक्षम है उनको प्रेरित किया जा सकता है।


राज्यपाल राहत कोष को और सुदृढ़ करने के लिए डॉ. पूनियां ने यह भी सुझाव दिये कि राज्य के सांसदों, विधायकों के मद से भी सहायता ली जा सकती है।

उन्होंने इसके लिए सीएसआर के फंड का उपयोग ठीक से किये जाने का सुझाव भी दिया।