विष्णुदत्त विश्नोई आत्महत्या मामले में राजेन्द्र सिंह राठौड़, मनोज न्यांगली समेत 200 लोगों के खिलाफ मुकदमा, जांच सीआईडी-सीबी को

नेशनल दुनिया, चूरू/ जयपुर।

चूरू जिले के राजगढ़ थाना एसएचओ विष्णुदत्त विश्नोई के द्वारा सुसाइड किए जाने के 7 दिन पूरे हो चुके हैं। इस प्रकरण की जांच सीआईडी सीबी कर रही है।

पिछले शनिवार को विष्णुदत्त विश्नोई के द्वारा सुसाइड किए जाने के दिन थाने के बाहर प्रदर्शन और कानून की गंभीर धाराओं का उल्लंघन किए जाने का मुकदमा दर्ज किया गया है।

उप नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र सिंह राठौड़, पूर्व विधायक मनोज न्यांगली, भाजपा के जिला अध्यक्ष वासुदेव चावला, पूर्व जिला प्रमुख सहीराम विश्नोई, पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष जगदीश बैरासरिया समेत 7 जनों के नाम नामजद और कुल 200 जनों के खिलाफ गंभीर धाराओं में एफ आई आर दर्ज की गई है। इसकी जांच के लिए तफ्तीश सीआईडी सीबी जयपुर को भेज दी गई है।

जानकारी के अनुसार पुलिस ने यह कृत्य धारा 4/5 राजस्थान महामारी अध्यादेश 2020, धारा 51 राजस्थान आपदा प्रबंधन अधिनियम और धारा 269, 270 भादंसं के तहत दंडनीय अपराध मानते हुए मामले में एफआईआर दर्ज कर इसकी तफ्तीश सीआईडीसीबी जयपुर को भिजवाई गई।

गौरतलब है कि 23 मई को एसएचओ विष्णुदत्त विश्नोई के द्वारा अपने सरकारी क्वार्टर में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली गई थी। उनके द्वारा लिखे सुसाइड नोट में उनको गंदी राजनीति में फंसाने और मानसिक तौर पर दबाव बनाए जाने की बात कही गई थी।

बता दें कि राजेंद्र राठौड़, पूर्व विधायक मनोज न्यांगली समेत अनेक नेताओं के द्वारा स्थानीय विधायक पदमश्री कृष्णा पूनिया के खिलाफ इस प्रकरण को लेकर जांच सीबीआई से करवाने की मांग की जा रही है।

मैसेज चैट में उन्होंने खुद लिखा है कि थाने के पुनर्निर्माण के लिए उन्होंने 41 लाख का कलेक्शन किया था। जबकि उनके ऊपर 5 करोड रुपए का कलेक्शन करने और थाने के निर्माण में डेढ़ करोड़ पर लगाने के बाद 3.50 करोड़ रुपए का गबन किए जाने का आरोप लगाया गया है।

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उल्लेखनीय है कि राजेंद्र सिंह राठौड़ के खिलाफ 2003 से 2008 की वसुंधरा राज्य सरकार के समय धारा सिंह उर्फ दारिया एनकाउंटर मामले में भी मुकदमा दर्ज हुआ था, जिसमें उनको लंबे अरसे तक जेल की हवा भी खानी पड़ी थी।