जयपुर के कलेक्टर भिखारियों को हटाने के लिए स्थाई पुनर्वास और स्किल डेवलपमेंट का काम शुरू करेंगे

-शहर में भिक्षावृत्ति में संलग्न व्यक्तियों का होगा सर्वे, संस्थाओं के सहयोग से स्किल डवलपमेंट एवं स्थायी पुनर्वास के किए जाएंगे प्रयास
-जिला कलक्टर
नेशनल दुनिया, जयपुर।

जिला कलक्टर डाॅ.जोगाराम ने जयपुर शहर में भिक्षावृति में संलग्न व्यक्तियों के पुनर्वास हेतु उनकी वास्तविक संख्या एवं स्थिति के आकलन के लिए सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के अधिकारियों को सर्वे करने के निर्देष दिए हैं।

सर्वे के बाद उनको स्थायी रूप से भिक्षावृत्ति से दूर करने हेतु विभिन्न एनजीओ एवं सामाजिक संस्थाओं के सहयोग से किसी संस्थान में रखकर उनकी देखभाल, स्किल डवलपमेंट जैसे प्रयास किए जाएंगे।

वर्तमान पस्थिति में उनके लिए भोजन एवं पेयजल की व्यवस्था करने के लिए भी उन्होंने अधिकारियों को निर्देषित किया।

डाॅ.जोगाराम ने जिला कलक्टेट में इस सम्बन्ध मे सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, नगर निगम, पुलिस, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग एवं जिला प्रषासन के अधिकारियों के साथ बैठक की।

उन्होंने निर्देश दिए कि सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के अधिकारी पुलिस एवं विभिन्न संस्थाओं द्वारा पूर्व में किए गए शहर में भिक्षावृत्ति में संलग्न लोगों के सर्वे एवं स्वयं के आधार पर सर्वे कर सही संख्या का आकलन करें।

सर्वे में सत्यापन होने के बाद भिक्षावृति में संलग्न लोगों के पुनर्वास के लिए योजनाबद्ध रूप से कार्य किया जाए।

उन्होंने निगम के अधिकारियों को निर्देषित किया कि योजना तय होने तक अस्पतालों, विभिन्न पुलियाओं, बाजारों चैराहों, रेलवे स्टेषन, बस स्टेण्ड अथवा उनके मिलने की संभावना वाले स्थलों पर उनके लिए भोजन की व्यवस्था की जाए।

साथ ही भीषण गर्मी को देखते हुए पीएचईडी एवं नगर निगम द्वारा इन इलाकों में शीतल जल की चल प्याऊ एंव टेंकर की व्यवस्था रखी जाए।

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बैठक में स्मार्ट सिटी प्राॅजेक्ट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी लोकबन्धु, सभी अतिरिक्त जिला कलक्टर, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, पुलिस विभाग के अधिकारी शामिल हुए।

प्रारम्भिक पुनर्वास के लिए खाली भवन तलाशने के निर्देश


डाॅ.जोगाराम ने निर्देश दिए कि सर्वे के बाद भिक्षावृत्ति में संलग्न लोगों को एक स्थान पर रखकर उन्हें कौशल से जोड़ा जाएगा।

उन्होंने इस केन्द्र के लिए विद्यालयों के पुराने भवन जिनको अब उपयोग में नहीं लिया जा रहा अथवा अन्य राजकीय खाली भवनों के चिन्हींकरण के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए।

उन्होंने बताया कि इन केन्द्रो में आने वाले लोगों में शारीरिक रूप से ज्यादा कमजोर लोगों को यहां से विभिन्न निर्धारित सेवाकेन्द्रों में भेजा जाएगा।

कोरोना टेस्ट के बाद किया जाएगा पुनर्वास
जिला कलक्टर ने यहां शरणार्थी शिविर में रखे गए करीब सवा 100 भिक्षावृति में संलग्न व्यक्तियों के पुनर्वास से पूर्व उनका कोरोना टेस्ट करने के चिकित्सा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि इसके साथ ही उनकी जाचं के बाद अन्य बीमारियों से ग्रस्त व्यक्तियों को सम्बन्धित चिकित्सकीय सहायता दी जाए।

निःशुल्क राशन की व्यवस्था के निर्देश
जिला कलक्टर डाॅ.जोगाराम ने अधिकारियों को भिक्षावृति में संलग्न ऐसे लोगों के लिए निःशुल्क राशन व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं जो कच्ची बस्तियों में रहते हैं और उनके पास खाना पकाने की सुविधा है।

उन्होंने कहा कि राशन प्रदान करते समय पात्रता के साथ यह भी देखा जाए कि वह व्यक्ति फिर भिक्षावृति में संलग्न नहीं हो।

पात्रता होने पर ऐसे व्यक्ति को राज्य सरकार द्वारा 2500 रुपए प्रदान करने की योजना का लाभ भी दिया जा सकता है।

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गहलोत सरकार ने 2012 में बनाया था कानून

अब आपको यह भी जान लेना जरूरी है कि अपने पूर्व कार्यकाल में अशोक गहलोत सरकार ने 2012 में भिक्षावृत्ति के लिए पुनर्वास एवं स्वरोजगार हेतु कानून बनाया था, जिसके तहत प्रदेश भर में अभियान चलाकर भिक्षावृत्ति में सलंग्न रोगों को स्वरोजगार से जोड़ना था।