मुख्यमंत्री गहलोत जवाब दें, विशेष श्रेणी के लोगों को कब मिलेगा राशन: डॉ. सतीश पूनियां

-मुख्यमंत्री गहलोत विशेष श्रेणी के लोगों को आंकड़ों में ना उलझाकर जल्द उपलब्ध करवायें राशन : डॉ. सतीश पूनियां
नेशनल दुनिया, जयपुर।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. सतीश पूनियां ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर आरोप लगाते हुए कहा कि इनकी जनहित के मुद्दों को लेकर इनकी कथनी और करनी में अंतर है।

विशेष श्रेणी के नाम पर खाद्यान वितरण को लेकर राजस्थान सरकार जरूरमंद लोगों के साथ छलावा कर रही है।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. पूनियां का कहना है कि राज्य की गहलोत सरकार झूठी वाहवाही लूटने के लिए सरकारी पैसों का दुरुपयोग कर विज्ञापन देने में मस्त है।

राजस्थान की जनता त्रस्त है और विशेष श्रेणी के लोग महीनेभर से ज्यादा समय से इंतजार कर रहे हैं कि उन्हें कब खाद्यान मिलेगा?

डॉ. सतीश पूनियां ने कहा कि, कोविड-19 में विशेष श्रेणी एवं जो प्रवासी हैं, उनको भी 3 महीने का निशुल्क खाद्यान देने का राष्ट्रीय स्तर पर निर्णय हुआ है।

राजस्थान सरकार द्वारा 15 मई को एक नोटिफिकेशन जारी किया गया, फिर 18 मई और 21 मई को एक और नोटिफिकेशन जारी कर करीब 37 प्रकार के कामगारों को विशेष श्रेणी का पात्र माना है।

लेकिन अफसोस की बात यह है कि 15 मई से आज तक ना तो ऐसे लोगों में से किसी को राशन मिला और ना ही जिस मोबाइल एप के जरिये इनका पंजीयन होना था वो धरातल पर कहीं नजर नहीं आ रहा।

मुख्यमंत्री गहलोत पर आरोप लगाते हुए डॉ. पूनियां ने कहा कि विशेष श्रेणी के लोगों को खाद्यान देने को लेकर राज्य सरकार बार-बार गुमराह कर रही है, जिसमें 21 मई के नोटिफिकेशन में तीन दिन में सर्वे पूरा कर खाद्यान देने कही गई।

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इससे बड़ा छलावा क्या होगा कि 24 मई से एप पर पंजीयन करना शुरू करने की बात कही जा रही है।

यानि सर्वे पूरा करने तक की तारीख के दिन तो एप पर पंजीयन की प्रक्रिया शुरू होने की बात कही जा रही है और अभी सर्वे के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की जा रही है।

ऐसे में विशेष श्रेणी के लोग कब तक खाद्यान का इंतजार करेंगे, इसको लेकर राज्य सरकार जवाब दे।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि लॉकडाउन को दो महीने से अधिक हो गये हैं, राजस्थान सरकार इस दौरान प्रबंधन में पूरी तरह से विफल हुई है।

अनेक आश्वासन और झांसों के बाद राज्य सरकार ने सबसे ज्यादा झूठ किसी से बोला है तो वो विशेष श्रेणी के लोग हैं।

जिनकी सुध सरकार को दो महीने से नहीं आई, विशेष श्रेणी के हर व्यक्ति को 5 किलो गेहूं उपलब्ध करवाने की बात कही जा रही है।

लेकिन बार-बार आदेश निकालकर सर्वे कर उसके लिए राज्य सरकार ने मोबाइल एप एवं ई-मित्र के माध्यम से रजिस्ट्रेशन की बात कही थी, जिसके आधार पर राशन देने की बात कही।

लेकिन आश्चर्य की बात है कि सर्वे ही डेढ महीने बाद किया जा रहा है, तो आप ऐसे में अंदाजा लगा सकते हैं कि आखिर कब इन लोगों को राशन मिलेगा या सिर्फ प्रदेश की सरकार सर्वे में ही इनको उलझाकर रखेगी?

डॉ. पूनिया ने कहा कि राज्य सरकार ने विशेष श्रेणी के लोगों को सर्वे की प्रक्रिया में उलझा रखा है।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री गहलोत विशेष श्रेणी के लोगों को आंकड़ों या सर्वे प्रक्रिया में ना उलझाकर जल्द से जल्द ऐसे सभी लोगों को राशन उपलब्ध करवायें।

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राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए डॉ. सतीश पूनियां का कहना है कि ई-मित्र पर पंजीयन करवाने की प्रक्रिया का कोई रोडमैप अभी तक राज्य सरकार तय नहीं कर पाई, जिसके कारण जो भी पंजीयन ई-मित्र के द्वारा हुए हैं।

उनको अभी तक मान्य नहीं किया है, जिसके कारण से विशेष पात्र कामगार जिनको पंजीयन के बाद राशन मिलना था, उनकी अभी तक सूची तैयार नहीं हो पाई है।

जबकि 21 मई को जारी आदेश में स्पष्ट लिखा है कि तीन दिनों में मोबाइल एप या ई-मित्र के माध्यम से सूची बनाना और चिन्हित करना संपन्न किया जाना है।

डॉ. पूनियां का कहना है कि मुख्यमंत्री गहलोत झूठी वाहवाही लूटने के लिए इस योजना का विज्ञापन और प्रचार प्रसार कर रहे हैं।

दो महीने निकल जाने के बाद भी अभी तक किसी विशेष पात्र को राशन नहीं मिला है, जो ना तो बीपीएल की श्रेणी में आता है और ना ही खाद्य सुरक्षा में पंजीकृत में हैं।

इसके अलावा जिनके राशन कार्ड एपीएल के हैं या जिनके राशन कार्ड नहीं होने या फिलहाल राशन कार्ड बंद होने के कारण से उनको राशन नहीं मिल रहा है।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने विशेष पात्र एवं प्रवासी योजना में राशन देने की बात तो जरूर की, लेकिन आज तक ऐसे लोगों को राशन नहीं मिला है।

ऐसे लोगों को राशन कैसे मिलेगा और कब मिलेगा, इसको लेकर राज्य सरकार जवाब दे।