विधायक या पूर्व विधायक, आखिर कौन है सर्किल इंचार्ज विष्णुदत्त विश्नोई की आत्महत्या का जिम्मेदार?

नेशनल दुनिया, जयपुर।

चुरू जिले में राजगढ़ थाने के सर्किल इंचार्ज विष्णुदत्त विश्नोई के द्वारा सुसाइड किए हुए आज 3 दिन पूरे हो चुके हैं, लेकिन अभी तक भी इस आत्महत्या के मामले को लेकर पुलिस कोई खुलासा नहीं कर पाई है।

इस बीच कुछ मैसेज चैट सामने आए हैं जिनमें किसी विधायक के द्वारा राजनीतिक दबाव बनाए जाने की बातें लिखी गई है, जिसके चलते भारी तनाव हुआ और आखिरकार सर के लिए इंचार्ज विष्णुदत्त विश्नोई को सुसाइड करना पड़ा।

हालांकि, इसमें कहीं पर भी स्थानीय विधायक कृष्णा पूनिया का नाम नहीं है, लेकिन भारतीय जनता पार्टी समेत यहां के पूर्व विधायक मनोज न्यांगली के द्वारा कांग्रेस की विधायक कृष्णा पूनिया का नाम उछाला जा रहा है।

दूसरी तरफ एक वीडियो बयान जारी करते हुए राजगढ़ सादुलपुर के विधायक कृष्णा पूनिया ने स्पष्ट तौर पर कहा है कि दिवंगत विष्णुदत्त विश्नोई की सुसाइड के मामले में निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और जिन लोगों ने राजनीतिक दबाव बनाया है उनका नाम सामने आना चाहिए।

मनोज न्यांगली और राजेंद्र राठौड़ की सांठगांठ!

इस बीच कांग्रेस की तरफ से कई कार्यकर्ताओं ने कहा है कि इस मामले में पूर्व विधायक मनोज न्यांगली और उपनेता प्रतिपक्ष राजेंद्र सिंह राठौड़ की सांठगांठ स्पष्ट तौर पर दिखाई देती है। दोनों पर जातिवाद का जहर फैलाने का आरोप भी लगाया जा रहा है।

कृष्णा पूनिया मुर्दाबाद के नारे लगाए थे

आपको याद दिला दें कि शनिवार को जब सर्कल इंचार्ज विष्णुदत्त विश्नोई के द्वारा सुसाइड किया गया था और उसके बाद थाने के बाहर राजेंद्र राठौड़ स्थानीय सांसद राहुल कसवा के साथ मनोज न्यांगली पहुंचे थे तो उन्होंने विधायक कृष्णा पूनिया के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगवाए थे।

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राजेंद्र राठौड़ पर चढ गए थे डीएसपी

इतना ही नहीं जब विष्णुदत्त विश्नोई के द्वारा सुसाइड किए जाने के बाद पोस्टमार्टम होने पर उनकी डेड बॉडी परिजनों को देने को लेकर उप नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ व मौके पर पहुंचे, तब वहां पर सादुलपुर के डीएसपी रामप्रताप बिश्नोई काफी आक्रामक हो गए थे। उन्होंने राजेंद्र राठौड़ पर छोटी राजनीति करने और पुलिस को परेशान करने के गंभीर आरोप लगाए थे।

रुपयों के गबन का आरोप किसने लगाया

सबसे पहले एक वकील के द्वारा विष्णुदत्त विश्नोई के साथ व्हाट्सएप पर बातचीत होने की चैटिंग वायरल की गई थी, जिसमें उन्होंने स्पष्ट तौर पर लिखा था कि यहां पर गंदी राजनीति हो रही है और वह वीआरएस ले रहे हैं।

किसने लगाया 5 करोड़ पर के गबन का आरोप

इसके बाद एक और चैटिंग सामने आई, जिसमें विष्णुदत्त विश्नोई का नंबर अंकित है और लिखा गया है कि स्थानीय विधायक के द्वारा उनके ऊपर 5 करोड़ पर गबन का आरोप लगाया जा रहा है, जबकि थाने के भवन पर उन्होंने 41 लाख रुपए खर्च किए हैं जो कि कलेक्शन किया गया था।

इस मैसेज चैट में विष्णुदत्त विश्नोई के द्वारा लिखा गया था कि विधायक बकवास है और उनके ऊपर 5 करोड रुपए कलेक्शन करने और डेढ़ करोड रुपए थाने के भवन पर खर्च करने के बाद साडे तीन करोड रुपए गबन का आरोप लगाया जा रहा है, यह दबाव वह झेल नहीं पा रहे हैं।

सुसाइड नोट में किसी को भी जिम्मेदार नहीं ठहराया, तनाव बताया था

ऐसे इधर पुलिस के द्वारा जो दो सुसाइड नोट बरामद किए गए थे उनमें दोनों में उन्होंने भारी तनाव बताया गया और कहा गया था कि इसके लिए वह खुद जिम्मेदार हैं और दबाव झेल नहीं पा रहे हैं, जिसके चलते सुसाइड कर रहे हैं।

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पुलिस महानिदेशक ने टॉप 10 अफसरों ने बताया था

आपको बता दें कि विष्णुदत्त विश्नोई के सुसाइड करने से पहले और सुसाइड करने के बाद भी पुलिस महानिदेशक भूपेंद्र सिंह यादव ने उनको राजस्थान के टॉप 10 सर्किल इंचार्ज में से एक बताया था।

शराब माफिया करता है बड़े अपराध

आपको बता दें कि नागौर, चूरू, सीकर, झुंझुनू समेत कई जिलों में शराब माफिया का राज है। आज भी पुलिस का तंत्र शराब तस्करों को रोक नहीं पा रहा है। इस मामले में भी कहीं ना कहीं शराब माफिया का नाम सामने आ रहा है।

बेदाग और ईमानदार अफसर ते विष्णुदत्त विश्नोई

आपको बता दें कि पूरे प्रदेश में विष्णुदत्त विश्नोई को बेदाग और 100% ईमानदार अफसर बताया जाता है। पुलिस महकमे में अवसर उनके नाम की कसमें खाते हैं और उनके दबंगता के किस्से खासे चर्चित हैं।