कोरोना संकट में बाड़मेर की बेटी ओम प्रभा जयपुर में निभा रही फर्ज

बाड़मेर: काम के प्रति समर्पित, कर्तव्यनिष्ठ एवं जयपुर में एसडीएम (नॉर्थ) का कार्यभार देख रही बाड़मेर की बेटी ओम प्रभा जयपुर जिला प्रशासन में कोरोना संकट के समय पूर्ण रूप से जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रही है। सुश्री ओम प्रभा मूल रूप से बाड़मेर के बालोतरा कस्बे की है और अपनी जड़ों से जुड़ी हुई है।
सामाजिक, मानवीय और प्रशासनिक दायित्व को पूरी तरीके से निभाने वाली आर.ए.एस 2015 बैच की अधिकारी सुश्री ओम प्रभा कोरोना के इस संकटकाल में जिला प्रशासन द्वारा दी गई जिम्मेदारियों को निभाने के लिए फील्ड में डटी हुई हैं। जयपुर के केंद्रीय बस स्टैंड सिंधी कैंप मे जहां हजारों की संख्या में प्रवासी श्रमिक रोजाना पहुंच रहे हैं ऐसे प्रवासी श्रमिकों की स्क्रीनिंग करवाना, उनके लिए भोजन, पानी, बसों की व्यवस्था करवाना यदि कोई व्यक्ति बीमार है तो उसके लिए उचित चिकित्सा सहायता त्वरितता के साथ उपलब्ध करवा रही हैं।

कोरोना की इस महामारी के समय जहां लोग भीड़भाड़ वाले स्थानों से बच रहे हैं ऐसी जगह पर रहकर सुबह से देर रात तक अपने कर्तव्य को एक अच्छे मैनेजमेंट के साथ निभा रही हैं इतना ही नहीं बाड़मेर की इस बेटी ने जिला प्रशासन द्वारा कोविड-19 में आमजन की शिकायतों को निस्तारित करने के लिए बनाए गए वार रूम में प्रभारी के तौर पर भी अपने कर्तव्य को बड़ी जिम्मेदारी के साथ निभाया चिकित्सा ,पशुपालन ,विद्युत, पेयजल से संबंधित विभिन्न विभागों के अधिकारियों से समन्वय कर कोरोना संकट में आ रही समस्याओं को त्वरित रूप से सुलझाया, राशन की समस्या होने पर कई बार तो वह स्वयं भी मौके पर जाकर लोगों तक राशन पहुचाती रही है।

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सुश्री ओम प्रभा बताती है कि कोरोना महामारी के इसे संकट भरे समय में समस्या ग्रस्त हर व्यक्ति प्रशासन की तरफ उम्मीद भरी निगाहों से देखता है एक प्रशासनिक अधिकारी होने के नाते उन्हें हमेशा महसूस होता हैं है कि अपने प्रशासनिक कर्तव्य के साथ सामाजिक और मानवीय दायित्व को भी निभाना है इसी सोच के साथ वे अपने कर्तव्य पथ पर निरंतर कार्य कर रहीं है।