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शुक्रवार, जून 5, 2020

प्रियंका गांधी वाड्रा की चापलूसी कर रहे मुख्यमंत्री अशोक गहलोत: डॉ. पूनियां

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-संकट की घड़ी में प्रवासी श्रमिकों को लेकर ओछी राजनीति कर रहे प्रियंका गांधी और अशोक गहलोत: डॉ. सतीश पूनियां
-राहत के कामों पर आमने-सामने आकर बहस करें मुख्यमंत्री: कटारिया
-प्रदेश सरकार की वजह राजस्थान में मज़दूरों की स्थिति दर्दनाक: कटारिया
-केन्द्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ जनता तक पहुंचाने की प्रदेश सरकार की कोई योजना नहीं: राठौड़
-प्रदेश सरकार की घोषणाओं के लिए अभी तक कोई वित्तीय स्वीकृति नहीं: राठौड़

जयपुर।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. सतीश पूनियां, नेता प्रतिपक्ष गुलाब चंद कटारिया, उप-नेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़ ने एक संयुक्त प्रेस वार्ता को संबोधित किया।

प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए डॉ. सतीश पूनियां ने कहा कि ये राजस्थान का दुर्भाग्य है की ऐसे कठिन समय में भी मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, प्रियंका गांधी की चापलूसी में लगे हैं।

प्रियंका को खुश करने के लिए गहलोत मजदूरों को हथियार बना रहें हैं, किसी ने भी ये नहीं सोचा था की मुख्यमंत्री और कांग्रेस इस तरह की ओछी राजनीति करेंगे।

डॉ. पूनियां ने कहा कि पहले मुख्यमंत्री ने घोषणा की थी कि हमारे पास 4 हज़ार बसें हैं।

इनसे हम प्रवासी मज़दूरों को लाएंगे और छोड़कर आएंगे, बाद में कहा कि केंद्र सरकार हमें ट्रेन उपलब्ध करवाए।

केंद्र सरकार ने तुरंत 85 प्रतिशत रियायत के साथ ट्रेन उपलब्ध करवा दी, फिर सोनिया गांधी ने घोषणा की थी। श्रमिकों को लाने ले जाने का सारा खर्चा कांग्रेस उठाएगी।

प्रदेश सरकार ने ट्रेन से श्रमिकों को लाने और पहुंचाने की ज़िम्मेदारी तो नहीं उठाई, ना सोनिया ने पैसा दिया।

बल्कि ओछी राजनीति कर प्रियंका गांधी की चापलूसी कर नौटंकी करते हुए मुख्यमंत्री श्रमिकों के साथ खिलवाड़ कर रहें हैं।

डॉ. पूनियां ने कहा कि कांग्रेस ने अपनी नौटंकी के लिए मज़दूरों का मज़ाक़ बना दिया है।

प्रदेश की सारी सड़कों पर कई दिनों तक मज़दूर भटकते रहे, उनकी सुध लेने के बजाय मुख्यमंत्री और गांधी परिवार राजनीति करता रहा।

तीन दिन से यूपी के बोर्डर पर ड्रामा चला रखा है, झूठी वाही-वाही लूटने के लिए प्रदेशभर में सरकार का दबाव बनाकर कुछ बसें इक्कट्ठी करके खड़ी कर दी, जिनमें मज़दूर हैं ही नहीं, ड्राईवर भूखे हैं।

यूपी सरकार ने लिस्ट मांगी तो एक हज़ार बसों का दावा करने वालों ने ऑटो रिक्शा और मोटरसाइकल की लिस्ट पकड़ा दी।

उन्होंने कहा कि इसी फ़र्ज़ीवाड़े के कारण यूपी कांग्रेस के अध्यक्ष पर मुक़दमा दर्ज हो गया।

आज जब कोरोना से लड़ाई में भारत सरकार इतना अच्छा काम कर रही है, दुनियाभर में सराहना हो रही है, डब्ल्यूएचओ के कार्यकारी अध्यक्ष का पद भारत को मिला है।

तब भी कांग्रेस का गांधी परिवार जनता को धोखा देने के अपने पुश्तैनी काम से बाहर नहीं आ रहा है।

नेता प्रतिपक्ष गुलाब चंद कटारिया ने कहा कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की नम्बर वन दिखने की लालसा के कारण प्रदेश में ये हालात उत्पन हुए हैं।

इनके ग़लत निर्णयों के कारण प्रदेश में आने और जाने वाले प्रवासियों के लिए ना ट्रेन हैं ना बसें, बांसवाड़ा, डूंगरपुर, उदयपुर में जंगल के रास्ते प्रवासी पैदल आ रहे हैं।

उनकी ना स्क्रीनिंग हो रही है ना देखभाल, मैंने इस बारे में मुख्यमंत्री को चिट्ठी लिखी थी पर उसका भी कोई जवाब नहीं आया।

कटारिया ने कहा कि दूसरे प्रदेशों में सैंकड़ों की संख्या में ट्रेनें प्रवासियों को लाने और ले जाने का काम कर रही हैं।

राजस्थान में अभी तक केवल 32 आई है, जिनमें भी आने वाले कम और जाने वाले ज़्यादा हैं।

राजस्थान की हर सड़क पर प्रवासी हैं, अपनी घोषणा के अनुसार कितने एसडीएम के ख़िलाफ़ मुख्यमंत्री ने कार्यवाही कर दी बताएं।

भामाशाहों ने लोगों के खाने पीने की ज़िम्मेदारी उठा रखी है, सरकार तो इसमें भी फ़ेल हो गई।

राज्य को भारत सरकार ने अलग-अलग मद में हज़ारों करोड़ रुपए दिए। मुख्यमंत्री की मांग पर क़र्ज़ लेने की सीमा को जीडीपी के 3 प्रतिशत से बढ़ा कर 5 प्रतिशत किया, फिर भी मुख्यमंत्री ने उन्हें धन्यवाद तक नहीं दिया।

नरेगा में आने वाले 2 लाख 50 हज़ार प्रवासियों के जाब कार्ड ही नहीं बने।

कटारिया ने कहा की राज्य सरकार ने खुद के ख़ज़ाने से कुछ नहीं किया, सीएम रिलीफ़ फ़ंड से जनता का कुछ भला नहीं हुआ।

मरकज़ की वजह से कोरोना फ़ेला, उसके ख़िलाफ़ भी मुख्यमंत्री कुछ नहीं बोलते। पीछे से बयानबाज़ी करने के बजाय सामने आओ।

मीडिया के सामने, आमने-सामने को बहस कर लो और बता दो की आपने राजस्थान की जनता के लिए क्या किया है ।

उप-नेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़ ने कहा कि अफ़रातफ़री का माहौल तब बना जब सोनिया गांधी का बयान आया।

उन्होंने कहा की देश भर के 8 करोड़ से अधिक प्रवासियों का खर्च कांग्रेस उठाएगी, मज़दूर उनके भुलावे में आ गए और वो मुकर गई।

नौटंकी करने के लिए अब ऊंचा नगला में 223 बसें लेकर खड़े जो ख़ाली हैं और उनका फ़िटनेस सर्टिफ़िकेट भी नहीं है।

बसों की जगह ऑटो, मोटरसाइकल की सूची थमा दी और बाद में कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता कह रहे हैं कि ये टाइपिंग मिस्टेक थी।

रजिस्ट्रेशन के पोर्टल की 24 अप्रेल को शुरुआत होने ले बाद अब तक 22 लाख 17 हज़ार लोग रजिस्ट्रेशन करवा चुके हैं।

जिनमें 12 लाख 90 हज़ार आने वाले और 9 लाख 27 हज़ार जाने वाले हैं, लेकिन इनकी कोई व्यवस्था नहीं है ।

2 लाख 50 हज़ार लोग अपने संशोधनों से आए हैं, जिनमें से सरकारी लापरवाही के कारण 888 लोग पॉजिटिव आये हैं।

भारत सरकार ने जो योजनाओं के ज़रिए सहायता देने की घोषणा की है उसका लाभ लोगों तक पहुंचे इसकी प्रदेश सरकार की कोई तैयारी नहीं है।

राठौड़ ने कहा कि खाद्य और नागरिकता विभाग के द्वारा बीपीएल परिवारों के अलावा, और वंचित लोगों को खाद्य सुरक्षा का लाभ देने के लिए सर्वे करवाने की घोषणा की थी।

मोबाईल एप के माध्यम से 20 मई तक ग्रामीण क्षेत्रों का और 24 मई तक शहरी क्षेत्रों का सर्वे होना था, लेकिन अभी तक वो एप ही नहीं बना, तो ये लाभ किसको देंगे।

किसानों के लिए 3 प्रतिशत पर लोन देने को घोषणा कर दी पर उसकी वित्तीय स्वीकृति जारी ही नहीं की।

संकट के इस समय में पीएम फ़सल बीमा में राज्य सरकार का ख़रीफ़ की फ़सल का 460 करोड़ रुपया जमा करवाया ही नहीं।

एमएसपी पर फ़सल की ख़रीद के लिए केंद्र सरकार ने 5 गाँवो पर एक एक ख़रीद केंद्र बनाने के लिए कहा था, लेकिन ऐसा हुआ ही नहीं, क्योंकि सरकार की कोई तैयारी ही नहीं है।

संकट के इस समय में पीएम फ़सल बीमा में राज्य सरकार का ख़रीफ़ की फ़सल का 460 करोड़ रुपया जमा करवाया ही नहीं।

एमएसपी पर फ़सल की ख़रीद के लिए केंद्र सरकार ने 5 गांवो पर एक एक ख़रीद केंद्र बनाने के लिए कहा था, लेकिन ऐसा हुआ ही नहीं, क्योंकि सरकार की कोई तैयारी ही नहीं है।

बुधवार को प्रदेश के भाजपा विधायकों की संभागवार वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग हुई, जिसमें राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री वी सतीश, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया, नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया, प्रदेश संगठन महामंत्री चंद्रशेखर, पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे, उपनेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़ सहित नेता एवं जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

वीडियो कांफ्रेंसिंग में मोदी सरकार के आत्मनिर्भर भारत अभियान को प्रदेश के जन जन पहुंचाने के लिए जनप्रतिनिधियों से सुझाव मांगे गये।

जनप्रतिनिधियों को वी सतीश और सतीश पूनिया ने आत्मनिर्भर भारत अभियान को प्रदेश के सभी जिलों, तहसीलों-कस्बों, गांव-ढाणियों तक आमजन तक पहुंचाने का आह्वान किया।

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Ram Gopal Jathttps://nationaldunia.com
नेशनल दुनिया संपादक .

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