डॉ. सतीश पूनियां ने साधा प्रियंका गांधी पर निशाना, कहा, मजदूरों के साथ घिनौना मजाक कर रही कांग्रेस

-विफल मुख्यमंत्री गहलोत विपदा के समय में भी गांधी परिवार की चापलूसी में पीछे नहीं हट रहे: डॉ. सतीश पूनियां
गांधी परिवार का मजदूरों के साथ किया षड्यंत्र हुआ बेनकाब: डॉ. सतीश पूनियां
श्रमिक नेता रामनाथ सिंह के मामले को लेकर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने पुलिस महानिदेशक को लिखा पत्र
पुलिस हिरासत में हुई श्रमिक नेता रामनाथ सिंह की संदिग्ध मौत की न्यायिक जांच की मांग की है, रामनाथ सिंह के परिवार को आर्थिक मदद देने और एक परिजन को नौकरी देने की भी मांग की है

नेशनल दुनिया, जयपुर।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. सतीश पूनियां ने कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि कोरोना जैसी वैश्विक महामारी को कांग्रेस ने सस्ती लोकप्रियता का राजनीतिक हथियार बना लिया है।

डॉ. सतीश पूनियां ने प्रियंका गांधी द्वारा मज़दूरों को लेकर जाने के लिए यूपी सरकार को दी गई बसों की सूची में बसों की जगह टैक्सी, थी व्हीलर, कार और मोटरसाकलों के नम्बर देने की निंदा करते हुए कहा कि कांग्रेस हमेशा की तरह मज़दूरों के साथ घिनोंना मजाक कर रही है।

डॉ. पूनियां ने कहा कि पहली बात तो ये की राजस्थान के मुख्यमंत्री कह रहे थे कि उनके पास बसों की कोई कमी नहीं है, और राज्य सरकार अपने खर्च पर मज़दूरों को भेज रही है।

दूसरी तरफ वो गांधी परिवार को झूठा श्रेय दिलवाने के लिए राज्य के मजदूरों को लेकर जाने के लिए प्रियंका गांधी को आगे करते हैं।

और प्रियंका गांधी जो सूची यूपी की योगी आदित्यनाथ सरकार को देती हैं, उसमें वो बसों की जगह राजस्थान नम्बर की टैक्सी, कार, मोटरसाइकल के नम्बर भेजती हैं।

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उन्होंने कहा कि गांधी परिवार गरीब और मज़दूर के साथ हमेशा ही ऐसा षड्यंत्र करता आया है, आज इनका ये षड्यंत्र समय पर बेनक़ाब हो गया।

राजस्थान में कांग्रेस की सरकार है, जहां हर सड़क पर बेबस मज़दूर पैदल चल रहे हैं, पहले कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने घोषणा की थी कि इन मज़दूरों को उनके घरों तक पहुंचाने का किराया कांग्रेस देगी।

फिर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने घोषणा करते हुए कहा था कि सोनिया गांधी के निर्देश पर राजस्थान सरकार इन मज़दूरों का किराया वहन करेगी।

हकीकत यह है कि मजदूरों को ट्रकों में बिठाकर भेजा जा रहा है, किराया ना राजस्थान सरकार दे रही है ना सोनिया गांधी और ना प्रियंका वाड्रा ।

अच्छा होता ये ड्रामा करने के बजाय मुख्यमंत्री भारत सरकार द्वारा किराए में 85 प्रतिशत सब्सिडी के साथ चलाई गई ट्रेन से मज़दूरों को भेजते।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि राजस्थान से ट्रकों में बैठा कर भेजे गए मजदूर सड़क दुर्घटना का शिकार होकर जान गंवा रहे हैं, दूसरी तरफ़ अपनी ज़िम्मेदारी को निभाने में विफल मुख्यमंत्री इस विपदा के समय में भी गांधी परिवार की चापलूसी में पीछे नहीं हट रहे हैं।

राजस्थान की सरकार और कांग्रेस को गरीब के साथ मजाक बंद कर अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि संकट के ऐसे समय में जब सभी सामाजिक संगठन, धार्मिक संगठन, सेवा भारती जैसे संगठन, राजनैतिक दल दिन-रात लगकर इन प्रवासी मजदूरों की सेवा कर रहे हैं।

इनके भोजन राशन की व्यवस्था कर रहे हैं, भारत सरकार ने इनके लिए 3500 रुपए खर्च कर राशन मुक्त किया है, इनके आवागमन के दौरान, भोजन, आवास के लिए 1 हज़ार करोड़ का प्रावधान किया है।

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प्रधानमंत्री आवास योजना में सस्ते दर पर किराया तय किया है। उज्ज्वला योजना में तीन महीने तक मुक्त रिफ़िलिंग की सुविधा दी है।

इनको काम मिले इसके लिए नरेगा में 40 हज़ार करोड़ का अतिरिक्त फ़ंड दिया है, इनके जनधन खातों में सीधा 500 रुपए प्रति महीना डाला जा रहा है।

नरेगा में काम करने वाले मज़दूरों की दिहाड़ी 182 रुपए से बढ़ा कर 220 रुपए कर दी।

ठेले खोमचे वालों के लिए 5 हजार करोड़ का प्रावधान कर उन्हें 10 हज़ार रुपए तक का भारत सरकार की गारंटी पर लोन देने की व्यवस्था की है।

तब भी राजस्थान सरकार और कांग्रेस का गांधी परिवार दिखावे की ऐसी थोथी राजनीति कर रहा है।

वहीं, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. सतीश पूनियां ने पुलिस महानिदेशक को पत्र लिखकर पाली में पुलिस हिरासत में हुई श्रमिक नेता रामनाथ सिंह की संदिग्ध मौत की न्यायिक जांच की मांग की है।

डॉ. पूनियां ने कहा कि श्रमिक नेता रामनाथ सिंह की मौत का मामला अत्यधिक संगीन है।

डॉ. पूनियां ने पत्र लिखकर मांग की है कि रामनाथ सिंह की बॉडी का पोस्टमार्टम तीन सदस्य बोर्ड का गठन कर मजिस्ट्रेट की निगरानी में करवाया जाए, पुलिस हिरासत में हुई रामनाथ सिंह की संदिग्ध मौत की एफआईआर आई. पी. सी. की धारा 302 में दर्ज कर न्यायिक जांच की जाए।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. पूनियां ने रामनाथ सिंह के परिवार को मुआवजे के रूप में आर्थिक सहायता देने, साथ ही किसी एक परिजन को नौकरी प्रदान करने की मांग की है, जिससे भविष्य में परिवार का भरण पोषण हो सके।

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