राजस्थान: विदेश से लौटने वालों को अपने खर्चे पर होटलों में किया जाएगा क़वारेन्टीन

विदेश से आने वालो को 14 दिनों तक क्वारेंटाइन में रहना अनिवार्य

नेशनल दुनिया, जयपुर।

चिकित्सा मंत्री डाॅ. रघु शर्मा ने बताया कि विदेश से आने वाले हर व्यक्ति को 14 दिनों का क्वारेंटाइन पीरियड बिताना होगा, उसके बाद ही वे अपने घर जा सकेंगे।

डाॅ. शर्मा ने बताया कि विदेषों में अटके छात्र, पर्यटक और अप्रवासी भारतीयों का आना प्रदेष में भी शुरू हो रहा है। राज्य में जयपुर, बीकानेर, जैसलमेर, जोधपुर और उदयपुर एयरपोर्ट को चिन्हित किया है।

उन्होंने बताया कि सरकार की गाइडलाइन के अनुसार जिस जगह उतरे वहीं इन्हें क्वारेंटाइन किया जाए। इसके लिए आसपास की होटलों को चिन्हित कर लिया गया है।

कोई भी व्यक्ति क्षमता के अनुसार होटल में 14 दिन क्वारेंटाइन में रह सकता है। उन्होंने बताया कि बाहर से आने वाले हर व्यक्ति का मेडिकल चैकअप किया जाएगा। वे क्वारेंटाइन पीरियड बिताकर ही अपने घरों में जा सकते हैं।

प्रवासी राजस्थानियों के लिए दी जाएंगी बेहतर क्वारेंटाइन सुविधाएं
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि प्रवासी श्रमिक और राजस्थानियों के आने से राज्य में पाॅजीटिव केसेज की संख्या में इजाफा हुआ है लेकिन सरकार ने इसके लिए पुख्ता व्यवस्था कर रही है।

प्रवासियों के लिए होम क्वारेंटाइन, संस्थागत क्वारेंटाइन, कोविड डेडिकेटेड अस्पताल या कोविड केयर सेंटर बनाने में सरकार कहीं कोई कोर-कसर नहीं छोड़ रही है।

पूरा प्रशासनिक अमला, चिकित्सा व पुलिस विभाग प्रवासियों को कोरोना संक्रमण को फैलने से रोकने और उन्हें बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए जुटा हुआ है।

उन्होंने कहा कि बाहर से आने वाला हर व्यक्ति यदि 14 दिनों का क्वारेंटाइन पीरियड गुजार लेता है तो पाॅजीटिव से नेगेटिव में बदलने की संभावना बढ़ जाती है।

यह भी पढ़ें :  सीबीआई जांच करवा लो फांसी पर लटका दो, लेकिन मैं मानेसर नहीं गया डॉ. पूनियां

प्रदेश में शुरू इंदिरा प्रियदर्षिनी बेबी किट वितरण शुरू
डाॅ. शर्मा ने बताया कि प्रदेष के राजकीय चिकित्सालयों में जन्म लेने वाली नवजात बालिकाओं को निषुल्क इंदिरा प्रियदर्षिनी बेबी किट वितरित की जाएगी।

इसकी शुरुआत आज मुख्यमंत्री ने दो प्रसुताओं को बेबी किट सौंपकर कर दी है। उन्होंने बताया कि 2019-20 की बजट घोषणा के अनुसार इस योजना पर 10 करोड़ रुपए सालाना खर्च होगा।

जुलाई माह में नवजात बालकों को भी जुलाई माह से किट वितरण प्रारंभ कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम में प्रदेश में शिशु मृत्युदर में कमी आएगी।