कोरोना से जंग में जुटे बायतु चिमनजी के लाल

-प्रदेश में कई स्थानो पर पुलिस सेवा में कार्यरत है बायतू चिमनजी के 17 कोरोना वॉरियर्स।

माधुसिंह गोरा

कोरोना जैसी महामारी के बीच लॉकडाउन में लोग घरों में बंद हैं। डॉक्टर देवदूत बनकर जान की बाजी लगाकर हमें बचाने में जुटे हैं। ऐसे में प्रशासन की आवाज बनकर जनता और कोरोना के बीच कोई खड़ा है तो वो है पुलिस।

अक्सर पुलिस की छवि कुछ कारणों से बहुत बेहतर नहीं रही है, लेकिन पूरे देश में कोरोना, पुलिस को मसीहा सा दिखा रही है।

ऐसे ही बायतू चिमनजी गांव के पुलिस सेवा के रूप में कोरोना वीर बनकर अपनी ओर से जी-जान से जुटे हैं। इनमें से कई कोरोना वीरों को तो अपने घर गए ही महीनों हो गए, केवल फोन पर ही परिजनों से बात होती है।

दरअसल राजस्थान पुलिस में तैनात बायतू चिमनजी गांव के 17 कोरोना योद्धा अलग-अलग जगहों पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। दिन रात 18 से 20 घंटे ड्यूटी कर ये अपना फर्ज निभा रहे हैं।

बायतू तहसील क्षेत्र के बायतू चिमनजी व नव गठित पंचायत हेमजी का तला गांव के 17 जने पुलिस में रहकर लोगों की सेवा कर रहे हैं। इसमें दो सगे भाई अपने जिले से दूर जालोर में सेवा दे रहे हैं।

इसमें महेंद्र गोदारा कॉस्टेबल वर्तमान में पुलिस थाना झाब जिला जालोर में 1 वर्ष से पदस्थापित है, वहीं जगदीश गोदारा कांस्टेबल पिछले 1 वर्ष से पुलिस थाना बागोड़ा जिला जालोर में कोरोना कर्मवीर बनकर सेवा दे रहे हैं।

इसी तरह बायतू चिमनजी के ही स्वरूप सिंह बाड़मेर नगर निगम में फायरमैन के रूप में सेवा दे रहे है तो वहीं छोटा भाई देवीलाल खीचड़ जोधपुर के पुलिस थाना बालेसर में लॉक डाउन की घोषणा के बाद से बतौर कांस्टेबल सेवाएं दे रहे हैं।

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अपने गांव के भाईयों की तरह कोरोना की रोकथाम के लिए लॉक डाउन की पालना करवाने में जुटे है। मौजूदा समय में आमजन का ख्याल ही इनकी पहली प्राथमिकता है।

इसी तरह जैसलमेर में तैनात बायतू चिमनजी की ही चैनी व प्रेमी आपस मे चचेरी बहनें है जो कोरोना वॉरियर्स बनकर मैदान में डटी हुई हैं ।

चैनी जैसलमेर पुलिस लाइन में कॉन्स्टेबल पद पर वहीं प्रेमी जेसलमेर के सांगड़ पुलिस थाने में कॉस्टेबल पद आमजन की सुरक्षा के लिए दोनों बहनें सेवाएं दे रही है। 

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1- महामारी को हराने के लिए पुलिस के अधिकारी एक योद्धा की तरह मैदान में डटे हैं। ऐसे ही बायतू चिमनजी के भगोणी गोदारों की ढाणी निवासी व जोधपुर कमिश्नरेट यातायात में तैनात इंस्पेक्टर गोवर्धनराम गोदारा लॉक डाउन से लगातार अपनी ड्यूटी को बखूबी निभा रहे है। अपने परिवार की चिंता किए बिना वह 15 से 18 घंटे की मैराथन डयूटी कर रहे हैं।

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गोदारा शहर की सड़कों पर हर आने-जाने वालों से न सिर्फ बाहर निकलने की वजह पूछते हैं बल्कि कोरोना की गंभीरता को बता घर पर रहने के लिए सचेत भी करते हैं।

2- जालोर के आहोर में तैनात सब इंस्पेक्टर देवाराम गोदारा बताते है कि राज्य व केंद्र सरकार द्वारा जारी एडवाइजर की पालना कर प्रशासन का सहयोग कर इस महामारी बीमारी से बचाव करना है। बता दे कि कॉस्टेबल महेंद्र व जगदीश देवाराम के भतीजे लगते है।

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3- हार्ट की बीमारी से झुंझ रही अपनी दो साल की बेटी को घर छोड़कर चेनी सारण ने अपनी सारी परेशानियों को दरकिनार करते हुए कोरोना के विरुद्ध जारी जंग में अपने कर्तव्यों को बखूबी निभा रही हैं। चेनी बताती है कि जब बेटी तीन महीने की थी तब अहमदाबाद में उनका हार्ट का ऑपरेशन हुआ जिसके बाद उसकी देखभाल जरूरी हो गई लेकिन ड्यूटी के दौरान बेटी की साथ नही ला सकती।

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उनका लगातार बेटी की अहमदाबाद से इलाज जारी है। जैसलमेर पुलिस लाइन में तैनात चेनी कोरोना को हराने के लिए दिन रात जंग में जुटी हुई है । उनका कहना है कि हम साफ सफाई के साथ और अपने घर पर रहकर लॉकडाउन का पूर्णतया पालन करते हुए ही कोरोना के विरुद्ध जारी इस जंग को जीत सकते हैं।

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ऐसे कोरोना योद्धाओं को दिल से सैल्यूट तो बनता है। वहीं चैनी के बड़े भाई पूर्णा राम सारण भी कोरोना यौद्धा के रूप में सेवाए दे रहे है वे निगरानी सतर्कता दल में बायतू के नगोणी धतरवालो की ढाणी में कार्यरत है। बता दे कि पूर्णा राम भी बायतू चिमनजी के निवासी है। 

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4- बायतू चिमनजी निवासी खेंगार राम गोदारा पुलिस लाइन बाड़मेर में हेड कांस्टेबल पद पर कार्यरत है। गोदारा बाड़मेर शहर में सुरक्षा व्यवस्था के फर्ज को निभाने के साथ कोरोना की रोकथाम के लिए मुस्तैदी से तत्पर है।

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5- बायतू चिमनजी निवासी प्रेमी जैसलमेर जिले के सांगड में तैनात है जो 22 मार्च से लगातार कोरोना महामारी में ड्यूटी दे रही है। इनके दो भाई सेना में है।

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6- पचपदरा थाना क्षेत्र की पुलिस चौकी पाटोदी में हेंड कॉस्टेबल पद पर तैनात धनाराम पोटलिया पिछले 1 वर्ष से यहां पद स्थापित है। जो लोकडाउन के बाद से लगातार कोरोना वॉरियर्स के रूप में सेवाएं दे रहे है। 

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7- सिरोही के पुलिस थाना आंनदरा में तैनात चौखाराम सारण भी लोकडाउन से लगातार अपनी ड्यूटी कर रहे है। 

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8- जयपुर कमिश्नरेट में पिछले 12 सालों से पदस्थापित बायतू चिमनजी के जगदीश पोटलिया कांस्टेबल पद पर कोरोना वॉरियर्स बनकर सेवाएं दे रहे है। 

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9- पिछले 7 वर्षों से जयपुर में तैनात बगताराम सारण कांस्टेबल पद पर 14 आरएसी बटालियन आपदा विभाग जयपुर में कोरोना वॉरियर्स के रूप में सेवाएं दे रहे है।

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10-  एमपी बॉर्डर पर स्थित झालावाड़ जिले के पुलिस थाना बकानी में कॉस्टेबल पद पर तैनात जसराज सारण पिछले 5 माह से लगातार कोरोना वॉरियर्स के रूप में सेवाएं दे रहे है। 

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11- कोटा सिटी में कॉस्टेबल पद पर तैनात धनराज बांगड़वा पिछले 1 वर्ष से सेवाएं दे रहे हैं जो लोकडाउन के बाद से कोरोना वॉरियर्स के रूप में सेवाएं दे रहे है। 

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12- कोटा सिटी में कॉस्टेबल पद पर तैनात शंकर लाल सारण कोरोना वॉरियर्स के रूप में लोकडाउन के बाद से लगातार सेवाएं दे रहे है।

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13- बाड़मेर के बिजलियार पुलिस थाने में तैनात हेंड कॉस्टेबल आईदान राम लोकडाउन के बाद लगातार कोरोना वॉरियर्स के रूप में सेवाएं दे रहे है।