फसल को सहकारी समिति पर रखकर किसान ले सकेगा 3% ब्याज पर 70 फ़ीसदी नगदी

-अब किसान ग्राम सेवा सहकारी समिति पर फ़सल रखकर 3% ब्याज पर 70% नकदी प्राप्त कर सकेंगे

नेशनल दुनिया, जयपुर।

राजस्थान देश में पहला राज्य होगा, जहां किसानों को अपनी उपजें कम दामों पर बेचने को विवश नहीं होना पड़ेगा।


वे अपनी उपजों को ग्राम सेवा सहकारी समितियों (पैक्स एवं लैंपस) में जमा कर उसके बदले में 3% ब्याज दर पर बाजार मूल्य या न्यूनतम समर्थन मूल्य में से जो भी कम होगा, के आधार पर 70% नकदी प्राप्त कर सकेंगे।


यह कार्य सहकार किसान कल्याण योजना के अंतर्गत किया जाएगा, जिसके लिए 7% ब्याज अनुदान की राशि किसान कल्याण कोष में से ली जायेगी।

किसान कल्याण कोष में से इस योजना के लिए 50 करोड़ का प्रति वर्ष अनुदान प्राप्त होगा।

ज्ञात रहे कि किसान महापंचायत के नेतृत्व में देशभर में 211 संगठन किसानों को उनकी उपजाऊ के दाम दिलाने के लिए संघर्षरत हैं।


जिसमें वेयर हाउस ( विकास एवं विनियम) अधिनियम 2007 की क्रियान्विति के लिए सरकारों से मांग कर रहे हैं।

13 वर्ष तक भी कोई सार्थक कार्यवाही नहीं हुई जिससे किसानों को भंडारण की जमा रसीद के आधार पर ऋण प्राप्त करने का मार्ग प्रशस्त हुआ होता।

किसान महापंचायत के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामपाल जाट का कहना है कि राजस्थान के किसानों के संघर्ष को देखते हुए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने किसानों को शोषण से बचाने के लिए यह सार्थक कदम उठाया है।

खास बात यह भी है कि 2014 -15 में किसानों के हितों की ऐसी मांगों को उठाने वालों को सरकार ने जेल में डाला और 30 से अधिक बार गिरफ्तार कर दिन भर बंद रखा।

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वर्ष 2018 -20 की अवधि में सरकार ने संवेदनशीलता दर्शाते हुए किसानों के हितों के संरक्षण के लिए कार्यवाही आरंभ की।