कोयला, माईन्स-मिनरल्स, एयर स्पेस, अंतरिक्ष क्षेत्र, सामाजिक बुनियादी ढांचे, एटोमिक एनर्जी व रक्षा उत्पाद में आत्मनिर्भर भारत की कल्पना को साकार होगी

नेशनल दुनिया, जयपुर।

राजस्थान विधानसभा में उपनेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़ ने आत्मनिर्भर भारत के 20 लाख करोड़ के पैकेज के चौथे चरण में केन्द्रीय वित्त मंत्री ने बुनियादी सुधारों के माध्यम से कोयला, माईन्स-मिनरल्स, एयर स्पेस, अंतरिक्ष क्षेत्र, सामाजिक बुनियादी ढांचे, एटोमिक एनर्जी व रक्षा उत्पाद में आत्मनिर्भर भारत की कल्पना को साकार करने के लिए बुनियादी सुधारों के साथ-साथ वैष्विक चुनौतियों से मुकाबला करने के लिए जो घोषणा की है, वह आधुनिक व आत्मनिर्भर भारत की ओर एक सकारात्मक कदम है।


राठौड़ ने कहा है कि दुनिया के 3 सबसे बड़े कोयला भण्डारण क्षेत्र भारत में होने के पश्चात भी देष में लम्बे समय से कोयला आयात किया जा रहा था, कोयला क्षेत्र में सरकारी एकाधिकार को समाप्त कर खुली प्रतिस्पद्र्धा व पारदर्षिता के निजीकरण के लिए खोलने व 50 हजार करोड़ रूपये का आधारभूत ढांच में निवेष किये जाने की घोषणा से तापीय उर्जा व स्टील उद्योग को नई रोषनी मिलेगी।


राठौड़ ने मिनरल्स क्षेत्र में असीमित दोहन की संभावनाओं को अमलीजामा पहनाने के लिए निजीकरण के साथ स्टाम्प डयूटी सहित विभिन्न करों में राहत देने की घोषणा जिससे अन्य राज्यों सहित राजस्थान के राजस्व में भी निष्चित तौर पर बढ़ोत्तरी होने की संभावना होगी, को स्वागत योग्य कदम बताया है।


उपनेता प्रतिपक्ष ने बयान जारी कर कहा है कि आत्मनिर्भर भारत अभियान के अंर्तगत रक्षा उत्पादों में मेक इन इंडिया के भावों को साकार करते हुए सैन्य हथियारों के आयात व्यय में कटौति व ऐसे सैन्य हथियार जिन्हें देष में निर्मित किया जा सकता है के आयात पर प्रतिबन्ध लगाने व आयुध फेक्ट्रीयों के निगमीकरण को आत्मनिर्भर भारत की ओर रक्षा क्षेत्र में उठाया गया एक सषक्त कदम है।

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राठौड़ ने यह भी कहा कि देष में हवाई यात्राओं को सस्ता व कम समय में पूरा करने के लिए पूर्व में उपयोग में लिये जा रहे 60 प्रतिषत हवाई क्षेत्र को बढ़ाने के निर्णय से एक हजार करोड़ रूपये की बचत व अमूल्य समय की बचत होने को वर्तमान प्रतिस्पद्र्धा के समय में अत्यन्त महत्वपूर्ण निर्णय बताते हुए हवाई जहाजों की मरम्मत व उसके कलपुर्जे देष में बनाने वाली कम्पनियों को रियायत देना व 6 हवाई अड़डों को विष्व स्तरीय सुविधाओं को बढ़ाने के लिए पीपीपी मोड पर विकसित करना तथा आधुनिक व आत्मनिर्भर भारत को साकार करने की ओर एक उठाया गया एक अभूतपूर्व कदम बताया।


बुनियादी ढांचे में निजी क्षेत्र को बढ़ावा देने व वाईबलिटी गेप फंडिंग को 20 प्रतिषत से 30 प्रतिषत करने तथा इस हेतु 8100 करोड़ रूपये का प्रावधान करने से चिकित्सा व षिक्षा के क्षेत्र में निजीकरण होने से देष की सामाजिक सेवाओं में क्रांतिकारी परिवर्तन होगा।


राठौड ने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा अंतरिक्ष क्षेत्र व एटोमिक क्षेत्र में निजी क्षेत्र की सहभागिता से आधुनिक व आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना को पूर्ण करने की ओर उठाये जाने को एक अभूतपूर्व निर्णय बताया।