किसानों, दुध उत्पादकों, पशुपालकों, मछुआरों के लिए मोदी सरकार की ऐतिहासिक घोषणाएं: डॉ. सतीश पूनियां

-भारत की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने पर मोदी सरकार दे रही विशेष ध्यान: डॉ. सतीश पूनियां
-हर्बल खेती को बढ़ावा देने के लिए 4 हजार करोड़ का प्रावधान: डॉ. सतीश पूनियां

जयपुर।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत देश के सभी वर्गों को मजबूती देने के ऐतिहासिक निर्णय लिये जा रहे हैं, यह कहना है कि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. सतीश पूनियां का।

जिन्होंने शुक्रवार को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा किसानों, दुध उत्पादकों, मछुआरों और पशुपालकों के लिए की गई घोषणा को ऐतिहासिक और संबल प्रदान करने वाला बताया।

साथ ही लॉकडाउन के दौरान किसानों व श्रमिकों के लिए किए जा रहे मोदी सरकार के क्रांतिकारी कदमों की सराहना की।


डॉ. सतीश पूनियां का कहना है कि खेती और खेती से जुड़े काम धंधों को मजबूत कर भारत की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को और मजबूत करने पर मोदी सरकार विशेष ध्यान दे रही है, इस ऐतिहासिक फैसले के लिए मोदी सरकार का अभिनंदन करता हूं।


भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. पूनियां ने कहा कि वित्त मंत्री की घोषणा के अनुसार भारत सरकार एक लाख करोड़ रुपए का कृषि आधारभूत ढांचा बनाने की योजना लेकर आई है, इससे किसानों की आय बढ़ेगी, भारत ना केवल अपनी मांग को पूरा कर पाएगा बल्कि आने वाले समय में इससे निर्यात के लिए भी मदद मिलेगी।

वित्त मंत्री ने देश को बताया कि केवल लॉकडाउन की अवधि एमएसपी पर किसानों की 74 हज़ार 300 करोड़ की फ़सल की ख़रीद हुई है, इसी अवधि में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि में किसानों के खाते में 18 हज़ार 700 करोड़ रुपए ट्रांसफ़र किए गए हैं।

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इसी दौरान पीएम फ़सल बीमा योजना में 6 हज़ार 400 करोड़ रुपए दिए गए।


डॉ. पूनियां का कहना है कि किसान हितैषी मोदी सरकार ने इनकी आमदनी बढ़ाने के लिए फसल बेचने की अंतरराज्य बंदिश को खत्म कर दिया है, अब किसान अपनी फसल को कहीं भी बेच सकता है, जहां उसे अच्छी कीमत मिलेगी।

साथ ही किसानों की फ़सल के दाम तय करने व जोखिम रहित खेती के लिए एक कानूनी ढांचा बनाया जाएगा, जिससे किसान का उत्पीड़न नहीं हो।

किसान हित में 1955 में बने आवश्यक वस्तुओं के कानून में बदलाव किया जाएगा, आवश्यक वस्तु अधिनियम में संशोधन कर इसमें तिलहन, दलहन आलू आदि उत्पादों डि-रेग्युलेट किया जाएगा , जिससे किसानों को लाभ मिल सके।

टाप टू टोटल योजना में 500 करोड़ का प्रावधान कर टमाटर प्याज़ आलू के अलावा भी बाक़ि सभी फल और सब्ज़ियों के लिए किया जाएगा ।

हर्बल खेती को बढ़ावा देने के लिए 4 हज़ार करोड़ का प्रावधान किया गया है, 10 लाख हेक्टेयर ज़मीन में इसकी खेती होगी और इससे किसानों को 5 हज़ार करोड़ की आय हो सकेगी।

अब हर्बल मेडिसन की मांग तेजी से बढ़ने लगी है, जो किसानों की आमदनी बढ़ाने व आमजन के स्वास्थ्य की दृष्टि से भी बहुत अच्छी बात है।


डॉ. पूनियां ने कहा कि देश के करोड़ों पशुपालकों के लिए वित्त मंत्री ने 15 हज़ार करोड़ का विकास फ़ंड बनाया है, जिससे जो दुध उत्पादन होता है , उसकी प्रोसेसिंग के लिए इंडस्ट्री लग सके।


उन्होंने कहा कि 53 करोड़ पशुओं के टीकाकरण के लिए भारत सरकार 13 हज़ार 343 रुपए खर्च करेगी, जिससे पशु रोग मुक्त होंगे, दुध उत्पादन बढ़ेगा।

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मधुआरों के विकास के लिए प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना की घोषणा की गई है, जिसमें 20 हज़ार करोड़ रुपए खर्च होंगे।

आत्मनिर्भर अभियान की तीसरी कड़ी में भी मोदी सरकार की खेती में किसानों की आय दोगुनी करने की प्रतिबद्धता को भी दिखाती है।