मोदी सरकार के आर्थिक पैकेज से किसान, श्रमिक और मध्यम वर्ग को मिलेगी नई ऊर्जा और संबल: डॉ. पूनियां

प्रवासी श्रमिकों को भी मनरेगा में मिलेगा रोजगार, दो महीने तक मुफ्त मिलेगा राशन: डॉ. सतीश पूनियां
मोदी सरकार गरीब की सुन रही, गरीब के लिए सोच रही और गरीब के लिए काम कर रही है: डॉ. सतीश पूनियां
वानिकी प्रबंधन को मजबूत करने के लिए 6 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान

जयपुर।

केन्द्र की मोदी सरकार के आत्मनिर्भर भारत अभियान के आर्थिक पैकेज में देश के सभी वर्गों को संबल देने के लिए घोषणाएं की गई हैं, जिसमें गुरुवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण एवं वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर ने किसान, श्रमिक और मध्यमवर्ग को बड़ी राहत देने के ऐलान किये।


मोदी सरकार के आत्मनिर्भर भारत अभियान के आर्थिक पैकेज को लेकर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. सतीश पूनियां का कहना है कि गरीब की सुनें, गरीब की सोचें और गरीब के लिए जीयें, साल 2014 से ही देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस बात पर बल दिया था।

जिसके लिए उन्होंने लगातार प्रतिबद्धता दिखाई और वो जाहिर हुई उनके द्वारा देश के सभी वर्गों के लिए 20 लाख करोड़ रुपये के आत्मनिर्भर भारत बनाने के आर्थिक पैकेज से।


डॉ. सतीश पूनियां ने कहा कि मोदी सरकार ने 13 मई को लघु, सूक्ष्म एवं मध्यम वर्ग के लिए आर्थिक पैकेज देकर प्रतिबद्धता दिखाई थी और आज जो घोषणाएं की हैं वे किसान, श्रमिक और मध्यम वर्ग के लिए समर्पित हैं।

उन्होंने कहा कि इस बड़े पैकेज से देशभर के किसानों, श्रमिकों और मध्यमवर्ग को नई ऊर्जा मिलेगी एवं संबल मिलेगा।
केन्द्र सरकार की घोषणाओं को लेकर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. पूनियां का कहना है कि देश में 2.5 करोड़ नये केसीसी होंगे।

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जो पीएम किसान के लाभार्थी हैं, 2 लाख करोड़ की पूंजी में वो तमाम पशुपालक एवं मत्स्य पालक भी शामिल होंगे जिनको किसान क्रेडिट कार्ड का लाभ मिलेगा।

उन्होंने कहा कि इसी तरह 30 हजार करोड़ रुपये नाबार्ड के जरिये राज्य के सहकारी बैंकों के जरिये ये इमरजेंसी वर्किग कैपिटल के तौर पर किसानों के कल्याण के लिए काम आएगा।


डॉ. पूनियां का कहना है कि इसी तरह शहरी तबके के गरीबों के लिए 11 हजार करोड़ रुपये का एसडीआरएफ के जरिये राज्यों के माध्यम से प्रावधान किया गया है, 6700 करोड़ रुपये कृषि उत्पादों के लिए राज्यों को मिलेगा।

उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के कारण अपने-अपने प्रदेश को लौटे करीब 8 करोड़ प्रवासी श्रमिकों के लिए 3500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

जिसके तहत दो महीने तक प्रति व्यक्ति 5 किलो चावल या 5 किलो गेहूं और एक किलो दाल प्रति परिवार हर महीने मुफ्त दिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार ने यह भी सराहनीय फैसला किया है कि मनरेगा में प्रवासी श्रमिकों को भी रोजगार दिया जाएगा, जिनके स्वास्थ्य की जांच की भी व्यवस्था की गई है।


उन्होंने कहा कि वन नेशन वन कार्ड अगस्त, 2020 से प्रभावी होगा, इससे देशभर के 67 करोड़ लोग सीधे लाभान्वित होंगे, देश का कोई व्यक्ति देशभर में कहीं माइग्रेट होता है, तो उसे मौजूदा स्थान पर ही राशन की व्यवस्था मिलती रहेगी।


डॉ. सतीश पूनियां का कहना है कि इस महामारी में सबसे ज्यादा परेशान हुए स्ट्रीट वेंडर्स, जिनमें रेहडी, ठेला, पटरी पर काम करने वाले लोग, घरों में काम करने वाले इत्यादि 50 लाख लोगों को 5 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

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जिसके तहत वो अपना छोटा व्यापार शुरू करने में सक्षम होंगे, बहुत सुलभ तरीके से उन्हें ऋृण मिल सकेगा, जिससे वो अपना आराम से जीवनयापन कर पाएंगे।


उन्होंने कहा कि मध्यम आय वर्ग के लोग जिनकी आय 6 से 18 लाख के बीच में है, ऐसे लोगों को हाउसिंग के लिये एक योजना के जरिये जिसमें 70 हजार करोड़ का निवेश होगा, इससे निश्चित रूप से बाकि उद्योग भी लाभान्वित होंगे।


भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. पूनियां का कहना है कि केन्द्र सरकार ने कैम्पा फंड के लिए वानिकी इंफ्रास्ट्रकचर को मजबूत करने के लिए खासतौर पर जनजाति क्षेत्र के लोगों के लिए 6 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया है, जिसमें शहरी, अर्द्ध शहरी एवं जनजाति क्षेत्रों में वृक्षारोपण से लेकर तमाम ऐसे काम होंगे, जिनके प्रबंधन में यह राशि काम आएगी।