डॉ सतीश पूनियां ने उठाये सवाल तो अशोक गहलोत से नहीं बने जवाब

-भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. सतीश पूनियां का मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से संवाद, प्रदेश के मुद्दों पर खुलकर बोले
-मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनियां ने कहा, आप यह संवाद पहले कर लेते तो परिणाम और अच्छे होते
-डॉ. सतीश पूनियां ने सभी घोषित एवं लंबित भर्तियों को पूरा करने की -मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से की मांग
प्रवासी श्रमिकों को प्रदेश में रोजगार देने पर विशेष ध्यान दें मुख्यमंत्री: डॉ. सतीश पूनियां
-किसानों की फसल खरीद सुनिश्चित हो, समय पर भुगतान हो, निशुल्क मिले खाद बीज: डॉ. सतीश पूनियां
-प्रदेश में गैंगरेप व महिलाओं के साथ हुई वारदातों से अशोक गहलोत को डॉ. सतीश पूनियां ने कराया अवगत, दोषियों के खिलाफ कार्यवाही की मांग
-मुख्यमंत्री से सूक्ष्म एवं लघु उद्योगों और पर्यटन की स्थिति मजबूत करने की मांग
राहत कार्यों में तुष्टिकरण की समीक्षा करें मुख्यमंत्री : डॉ. सतीश पूनियां

जयपुर, 12 मई। राजस्थान में बढ़ते कोरोना प्रकोप के बीच भाजपा अध्यक्ष डॉ सतीश पूनियां के सवालों से मुख्यमंत्री अशोक गहलोत उखड़ गए। हालात ये हो गए कि गहलोत से जवाब नहीं बने।

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से मंगलवार को भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. सतीश पूनियां का संवाद हुआ, जिसमें उन्होंने केन्द्र सरकार द्वारा राज्य को दी गई मदद और प्रदेश के मुद्दों पर खुलकर बात की।


भाजपा प्रदेश डॉ. सतीश पूनियां ने कहा कि कोरोना संकट से निपटने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सभी 130 करोड़ भारतीयों की चिंता कर उनके लिए काम कर रहे हैं।

जिनके कामों की प्रशंसा संयुक्त राष्ट्र संघ और विश्व स्वास्थ्य संगठन भी कर रहा है, लेकिन आपकी सरकार के कई मंत्री प्रधानमंत्री के खिलाफ अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल करते हैं, जो अशोभनीय व निंदनीय है।

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उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों से समय-समय पर संवाद कर राज्यों की स्थिति की जानकारी ले रहे हैं, हरसंभव जरूरी मदद कर रहे हैं।


डॉ. सतीश पूनियां ने कहा कि इसी साल 27 मार्च को मैंने और नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया ने आपसे मुलाकात कर प्रदेश के आमजन से जुड़े महत्वपूर्ण करीब 21 बिन्दुओं की सूची आपकी सौंपी।

फिर 2 अप्रैल को मुख्य सचिव व पुलिस महानिदेश से मैंने और उपनेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़ ने मुलाकात कर प्रदेश के मुद्दों की सूची सौंपी थी।

इसके बाद हमने राज्यपाल कलराज मिश्र से वीडियो कांफ्रेंसिग के माध्यम से संवाद कर तक प्रमुख 21 मुद्दों की सूची प्रेषित की, जो आपको उन्होंने प्रेषित की थी।


मुख्यमंत्री से भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि विधायक फंड, भामाशाहों और सीएसआर फंड से लोगों के हित में अच्छे काम हुए हैं, जिनमें भोजन, राशन सामग्री, सैनेटाइजेशन, चिकित्सा उपकरण इत्यादि।


डॉ. पूनियां ने कहा कि कोरोना काल में हम 49 वें दिन प्रदेश के मुद्दों पर संवाद कर रहे हैं, यह काम आप पहले कर लेते तो शायद परिणाम और भी अच्छे होते।

उन्होंने कहा कि भोजन, राशन व अन्य राहत कार्यों को लेकर आपकी सरकार की कार्यशैली में जो प्रदेश में तुष्टिकरण की राजनीति चरम पर रही, उसकी समीक्षा करने की जरूरत है।


केन्द्र सरकार की एडवाइजरी के पालन को लेकर डॉ. सतीश पूनियां ने कहा कि देशभर के सभी लोगों के स्वास्थ्य के लिए बहुत ही लाभकारी साबित हो रहे आरोग्य सेतु एप को लेकर आपकी सरकार के जनप्रतिनिधियों ने भ्रम फैलाया, जो बहुत ही निंदनीय है।

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उन्होंने कहा कि आरोग्य सेतु एप के प्रति लोगों का दृढ़ विश्वास यह है कि कई करोड़ लोग इसे डाउनलोड कर चुके हैं, कोरोना को नियंत्रण करने में यह एप बहुत लाभकारी है।


डॉ. पूनियां ने कहा कि प्रदेश में विद्वेष की राजनीति भी चरम पर है, जिसको लेकर मैं आपसे कहना चाहता हूं कि हमारी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्‌डा के खिलाफ प्रदेश में केस दर्ज कराए गए।

हमारी पार्टी के कई विधायकों पर भी विद्वेष के चलते केस दर्ज कराये गए, जो स्वस्थ लोकतंत्र में अशोभनीय है, यहां सभी को लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात कहने हक है।


उन्होंने टोंक के मालपुरा में हुए गैंगरेप, सवाईमाधोपुर में महिलाओं के साथ हुई वारदातों व महिलाओं से जुड़े प्रदेश के अन्य मुद्दों पर भी मुख्यमंत्री गहलोत को अवगत कराया और उनसे कहा कि आप मुख्यमंत्री होने के साथ ही प्रदेश के गृहमंत्री भी हैं, इसलिए आप इन सभी मामलों को देखें और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो।


भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री से प्रवासी मजदूरों को प्रदेश में ही रोजगार देने, लघु एवं सूक्ष्म उद्योगों को सुदृढ करने, पर्यटन की स्थिति सुधारने, सभी घोषित एवं लंबित भर्तियों को पूरा करने जिनमें रीट, स्कूल व्याख्याता, क्लर्क, सांख्यिकी, पटवार, कांस्टेबल, पीआरओ इत्यादि भर्तियों को लेकर प्रमुखता से बात की।

उन्होंने आरसीडीएफ एवं अन्य विभागों में संविदा व ठेके पर काम कर रहे कर्मचारियों को स्थायी करने की मांग की।

प्रवासी श्रमिकों को प्रदेश में ही रोजगार देने को लेकर डॉ. पूनियां ने मुख्यमंत्री से कहा कि लघु एवं सूक्ष्म उद्योगों को सुदृढ करने की जरूरत है, जिससे काफी संख्या में लोगों को रोजगार मिल सके।

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साथ ही पर्यटन की स्थिति सुधारने पर भी बहुत ध्यान देने की जरूरत है, जिससे प्रदेश को अच्छी आय हो सके और लोगों को रोजगार मिल सके।


मुख्यमंत्री से डॉ. पूनियां ने प्रदेश के सभी जिलों में किसानों की फसल खरीद सुनिश्चित करने की बात कही, साथ ही किसानों को फसल का समय पर भुगतान मिले और खाद बीज का निशुल्क उचित प्रबंधन हो, जिससे किसानों को संबल मिल सके।