हनुमान बेनीवाल ने अशोक गहलोत को दिखाया आईना, दे दिया ऐसा जवाब

हनुमान बेनीवाल ने अशोक गहलोत को दिखाया आईना, दे दिया ऐसा जवाब

नेशनल दुनिया, जयपुर।
नागौर के सांसद और राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के संयोजक हनुमान बेनीवाल ने राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को आइना दिखा दिया है। हनुमान बेनीवाल ने सीधे अटैक करते हुए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और उनकी सत्ता को चुनौती दी है।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग का कर दिया बहिष्कार
राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राजस्थान के जनप्रतिनिधियों के साथ राज्य में कोरोनावायरस को लेकर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की थी, जिसमें रालोपा के संयोजक हनुमान बेनीवाल ने यह कहकर बहिष्कार कर दिया कि राज्य में कानून व्यवस्था बद से बदतर हो चुकी है, ब्यूरोक्रेसी नैतिकता खो चुकी है।

Screenshot 20200510 221759 Twitter

ट्वीट करके दी जानकारी
हनुमान बेनीवाल ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग वाले कार्यक्रम का न केवल बहिष्कार किया, बल्कि अपने समर्थकों को और राज्य की जनता को ट्वीट करके इस बात की जानकारी दी कि प्रदेश में ब्यूरोक्रेसी हावी है और जनता के कोई काम नहीं हो रहे हैं। इसलिए मुख्यमंत्री की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग दिखावा मात्र है।

Screenshot 20200510 221816 Twitter

विभागों में लंबित भर्तियों का मामला उठाया
सांसद हनुमान बेनीवाल ने बताया कि विभिन्न विभागों में लंबित भर्तियों को लेकर उन्होंने राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को बार-बार अवगत करवाया, लेकिन इसको लेकर कोई कदम नहीं उठाया गया, इसलिए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग का बहिष्कार किया गया है।

Screenshot 20200510 221834 Twitter

जनहित के मुद्दे किए दरकिनार
एक अन्य ट्वीट में हनुमान बेनीवाल ने जानकारी दी कि राजस्थान की सरकार ने जनहित के मुद्दों को दरकिनार कर दिया है और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए झूठी वाहवाही लूटने का काम किया जा रहा है। इसलिए राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी इसका बहिष्कार करती है।

यह भी पढ़ें :  सुमित भगासरा बने यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष, इतने वोटों से दी विधायक मुकेश भाकर को मात

ब्यूरोक्रेसी ने खोली नैतिकता
एक और ट्वीट करके हनुमान बेनीवाल ने बताया कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत कोविड-19 की महामारी से तो देश बाहर आ जाएगा लेकिन राज्य की ब्यूरोक्रेसी ने जो नैतिकता खोई है, उसको कैसे हासिल करोगे? इसलिए राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी ने तय किया है कि मुख्यमंत्री की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में हिस्सा नहीं लिया जाएगा।