पेयजल की नियमित आपूर्ति एवं मनरेगा में श्रमिकों की संख्या बढ़ाई जावे-खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री

पेयजल की नियमित आपूर्ति एवं मनरेगा में श्रमिकों की संख्या बढ़ाई जावे-खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री

नेशनल दुनिया, जयपुर।
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री रमेश चन्द मीना ने कहा कि कोविड-19 महामारी के कारण बेरोजगारी झेल रहे श्रमिकों, किसानों एवं मजदूरों को स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराने के लिये मनरेगा में अधिक से अधिक कार्य शुरू किये जावे। उन्होंने गर्मियों में ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में पेयजल की आपूर्ति नियमित रूप से करवाये जाने के लिये दिशा-निर्देश दिये।

मीना शनिवार को शासन सचिवालय से वीसी के माध्यम से अपने प्रभार वाले झालावाड एवं बारां जिले के अधिकारियों को समीक्षात्मक बैठक के दौरान आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि उचित मूल्य की दुकानें नियमित रूप से खोली जावे, जिससे राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के लाभार्थियों को निःशुल्क गेहूं एवं दाल का वितरण किया जा सके।

उन्होंने भीड-भाड वाले क्षेत्रों में नियमित रूप से सोडियम हाइपोक्लोराइट का छिडकाव करने के निर्देश दिये, जिससे कोरोना वायरस के संक्रमण के फैलने पर प्रभावी रूप से अंकुश लगाया जा सके।

‘सामाजिक दूरी का विशेष ध्यान रखा जावे’
खाद्य मंत्री ने कहा कि गेहूं, चना एवं सरसों के खरीद केन्द्रों पर कोरोनावायरस से संक्रमण से बचाव के लिये सामाजिक दूरी का विशेष ध्यान रखा जावे।

सभी ग्राम पंचायतों में मनरेगा के तहत कार्य स्वीकृत किया जाना सुनिश्चित करें, जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार मिल सके। उन्होंने कहा कि जो कार्य स्वीकृत किये गये हैं, उनकी प्रभावी तरीके से मोनिटरिंग भी की जावें।

उन्होंने निर्देश दिये कि जिलों में मनरेगा के तहत श्रमिकों की संख्या भी बढ़ाई जावे। उन्होंने बारां एवं झालावाड जिलों से मजदूरों के पलायन से उद्योगों पर पडने वाले प्रभाव एवं इसके समाधान पर भी विस्तारपूर्वक चर्चा की।

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‘ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में पेयजल की आपूर्ति नियमित रूप से करें’
मीना ने क्वारेंटाइन केन्द्र, होम आइसोलेशन, पोजिटिव मरीजों एवं अब तक जांच किये गये व्यक्तियों के बारे में मोबाईल वेन द्वारा किये जा रहे परीक्षण तथा सामान्य चिकित्सा व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी लेते हुए आमजन के लिये चिकित्सा सेवाओं की पुख्ता व्यवस्था करने के निर्देश दिये।

उन्होंने हैडपम्प मरम्मत अभियान की प्रगति के साथ ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में टैंकरों के माध्यम से की जा रही पेयजल की आपूर्ति नियमित रूप से करने के निर्देश दिये।

उन्होंने कहा कि जिलों में जो व्यक्ति गंभीर बीमारी से पीडित है, उसके आने-जाने सहित बेहतर ढंग से उपचार की व्यवस्था उपलब्ध करवाया जाना सुनिश्चित करें।

‘जल संसाधन के स्रोतों की जिओ टेगिंग करें’
खाद्य मंत्री ने कहा कि स्थानीय स्तर पर कॉटन एवं खादी के मास्क तैयार करने के लिये स्वयं सहायता समूहों को प्रोत्साहित किया जावे।

उन्होंने कहा कि जिले में जहां पर कर्फ्यू घोषित किया गया है, वहां पर आमजन को आवश्यक वस्तुएं खरीदने के लिये पास जारी करने की व्यवस्था की जावे।

उन्होंने कहा कि जिले में जल संसाधन के स्रोतों का जिओ टेगिंग एवं टैंकरों से पेयजल की आपूर्ति की जा रही, उसका प्रभावी तरीके से पर्यवेक्षण करवाया जाना सुनिश्चित करें।

‘क्वारेंटाइन केन्द्रों पर पुख्ता व्यवस्था की जावे’
मीना ने कहा कि जिले में लॉकडाउन की पालना सख्ती से करवाया जाना सुनिश्चित करें।

उन्होंने क्वारेंटाइन केन्द्रों पर की जा रही व्यवस्थाओं की विस्तारपूर्वक जानकारी लेकर बेहतर व्यवस्था उपलब्ध करवाने के निर्देश दिये।

उन्होंने जिले में सफाई कर्मचारी, फल-सब्जी एवं दूध विक्रेताओं की नियमित रूप से जांच करवाने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में सोशल डिस्टेंसिंग की पालना करवाया जाना सुनिश्चित करें।

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इस अवसर पर जन स्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग के प्रमुख शासन सचिव एवं झालावाड जिला प्रभारी सचिव राजेश यादव एवं पशुपालन एवं मत्स्य विभाग के शासन सचिव एवं बारां जिला प्रभारी सचिव डॉ. राजेश शर्मा उपस्थित थे।