केंद्र सरकार के दिए पैसे और राहत सामग्री पर राजनीति कर रही है राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार: कटारिया

नेशनल दुनिया, जयपुर।

कोविड-19 की वैश्विक महामारी के बीच भी राजस्थान में राजनीति थमने का नाम नहीं ले रही है।

राज्य सरकार के द्वारा केंद्र सरकार पर आरोप लगाए जाने के बाद राजस्थान कि भारतीय जनता पार्टी इकाई आक्रामक हो गई है।

पार्टी की तरफ से नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया ने राजस्थान सरकार को सवालों के घेरे में खड़ा करते हुए कहा है कि समस्त पैसा और राहत सामग्री केंद्र सरकार की तरफ से दी गई है।

उसके बावजूद भी राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार उसको अपनी कामयाबी बता कर राजनीति करने में तुली हुई है।

कटारिया ने 10 दिन के अंदर दूसरी बार आंकड़े प्रस्तुत करते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने नरेगा के तहत राजस्थान सरकार को 10000 करोड रुपए दिए इसके अलावा 40 हजार करोड़ टन अनाज दिया है।

2700 करोड़ पर खनिज फंड के लिए खर्च करने की अनुमति दे चुकी है। राजस्थान समेत पूरे देश में किसानों को ₹2000 की 3 समान किस्त देनी शुरू कर दी है।

इसके अलावा प्रदेश की महिलाओं को ₹500 की किस्त मिल रही है 31 लाख मजदूरों को राहत केंद्र सरकार की तरफ से फंड मुहैया करवाए जाने के बावजूद राजस्थान सरकार नहीं दे पा रही है।

नेशनल दुनिया के द्वारा राज्य सरकार के 19 मार्च को तालाबंदी के दिन राज्य में 17 मरीज होने के बावजूद कठोर फैसले करने और आज की तारीख में प्रतिदिन 175 मरीज सामने आने के बाद भी शराब बेचने की अर्थव्यवस्था को समझने के सवाल पर जवाब देते हुए कटारिया ने कहा कि राज्य सरकार पहले जल्दबाजी करती है और जब राज्य में स्थिति बिगड़ती है तब अपनी राजनीति साधने के लिए अर्थव्यवस्था के नाम पर लोगों को शराब के द्वारा मुश्किल स्थिति में फंसाने का कुकृत्य भी कर देती है।

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उन्होंने कहा कि यदि राज्य सरकार शराब की अर्थव्यवस्था के सहारे ही चल रही है, तो वह इतना पैसा केंद्र सरकार से और ले सकती है।

एक अन्य सवाल के जवाब में बोलते हुए नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि केंद्र सरकार पहले से ही स्पष्ट कर चुकी थी कि प्रवासी श्रमिकों के लगने वाले ट्रेन टिकट का 85% पैसा केंद्र सरकार वहन करेगी, जबकि 15% पैसा राज्य सरकारों को देना होगा, इसके बावजूद अपनी राजनीति चमकाने के लिए सोनिया गांधी ने बयानबाजी कर अफरा-तफरी फैलाने का दुस्साहस किया है।

हमेशा की भांति एक बार फिर से गुलाब चंद कटारिया ने राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को चुनौती देते हुए कहा कि वह इस बात को साबित कर दें कि राजस्थान की सरकार ने अपने खाते से कितने लोगों को राहत सामग्री दे चुके हैं, और कितने लोगों को राशि ट्रांसफर कर चुके हैं?

राजस्थान भाजपा के वरिष्ठ नेता कटारिया ने बताया कि राजस्थान सरकार और अशोक गहलोत केवल अपनी राजनीति चमकाने के लिए और कांग्रेसी अध्यक्ष सोनिया गांधी की नजर में खुद को बड़ा साबित करने के लिए हमेशा केंद्र सरकार के खिलाफ बयानबाजी करने का कार्य करते हैं, उनके पास दूसरा कोई काम नहीं है।

राजनीति करने के सवाल पर गुलाबचंद कटारिया ने कहा कि जब कोविड-19 की वैश्विक महामारी शुरू हुई और राजस्थान विधानसभा का सत्र चल रहा था, तब सबसे पहले हमने विधानसभा के भीतर रिकॉर्डेड बयान देकर यह कहा था कि राज्य में यदि कोई व्यक्ति आती है तो बीजेपी सरकार के साथ खड़ी है, लेकिन जब लगातार राजनीति करते हुए अशोक गहलोत और कांग्रेस ने सारी सीमाएं पार कर दी, तब उनको राजनीतिक तौर पर जवाब देने के लिए आना पड़ा है।

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प्रधानमंत्री को विश्व का सबसे बड़ा लीडर बताते हुए गुलाब चंद कटारिया ने कहा कि दुनिया के तमाम नेता आज भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को विश्व का सबसे बड़ा नेता मानते हैं और मोदी की सूझबूझ और समझदारी के कारण उठाए गए महत्वपूर्ण कदमों के चलते भारत में कोरोनावायरस उतना नहीं फैला है, जितना अमेरिका और इटली जैसे विकसित राष्ट्रों में फैला है।

एक सवाल के जवाब में बोलते हुए गुलाब चंद कटारिया ने कहा कि केंद्र सरकार के द्वारा ट्रेनों से मजदूरों को अपने घर भेजने का फैसला और शुरुआत 1 मई को कर दी गई थी तभी यह बात लागू हो गई थी, कि श्रमिकों के टिकट का 75% पैसा केंद्र सरकार देगी और 15% राज्य सरकारें देगी किंतु 2 मई को, जबकि यह सारी व्यवस्था हो चुकी थी और कई मजदूर अपने घर पहुंच चुके थे, तब अपनी राजनीति चमकाने के लिए सोनिया गांधी ने बयान जारी करके देश में बिना वजह का विवाद पैदा किया।