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भरतपुर।

विधानसभा चुनाव की सर्गर्मियों के बीच मतदाताओं को लुभाने के लिए वसुंधरा राजे (Vasundhara Raje) सरकार ने भरतपुर में जाट आरक्षण के दौरान किए गए मुकदमों को वापस लेने का फैसला किया है। भरतपुर और धौलपुर के जाटों को आकर्षित करने के लिए राजे सरकार ने यह पासा फेंका है, ताकि इस बड़े वोट बैंक को अपने पाले में लिया जा सके।

इस मामले में गिरफ्तारी की मांग को लेकर जहां कांग्रेस (Congress) नेता विश्वेंद्र सिंह आज भरतपुर एसपी कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए, वहीं डॉ. दिगम्बर सिंह के पुत्र डॉ. शैलेश सिंह ने कहा कि जाट आरक्षण के दौरान जिन लोगों पर मुकदमे दर्ज बिना किसी शर्त के वापस लिए जाएंगे।

विश्वेंद्र सिंह ने हजारों की संख्या में लोगों के साथ आज सुबह धरना शुरू किया। हालांकि, पुलिस की तरफ से समझाइश की जाती रही, लेकिन उन्होंने कहा है कि जब तक सभी मुकदमे वापस नहीं होंगे, तब तक वह नहीं हटेंगे।

इधर, मामले को लेकर डॉ. शैलेश सिंह ने कहा है कि लोगों के खिलाफ हुई एफआईआर के बारे में उन्होंने मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे (Vasundhara Raje), गृहमंत्री गुलाब चंद कटारिया और पंचायती राज मंत्री राजेन्द्र सिंह राठौड़ से बात कर ली है।

उनको सभी नेताओं ने मुकदमे वापस लेने का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि कोई भी किसी के बहकावे में न आएंं, क्योंकि आरक्षण को लेकर सभी दल मुद्दा बना रहे हैं और लोगों को बहका रहे हैं।

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