केंद्र से टिड्डी नियंत्रण के संभावित खतरे को देखते हुए कार्ययोजना बनाने का आग्रह, राजस्व मंत्री चौधरी ने प्रधानमंत्री को लिखा पत्र

जयपुर/बाड़मेर: टिड्डियों के सम्भावित खतरे की स्थिति का सामना करने के लिए केंद्र सरकार शीघ्र उचित कदम उठाए नही तो स्थिति इस बार पिछले बार से ज्यादा खराब होगी।

इस सम्बंध में राजस्व मंत्री हरीश चौधरी ने पीएम नरेंद्र मोदी को एक बार फिर पत्र लिखकर मांग की है कि टिड्डियों के आगामी संकट को मध्यनजर रखते हुए हमें यूनाइटेड नेशन्स के स्तर पर एंव टिड्डी से प्रभावित होने वाले अन्य देशों से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सवांद कायम करके टिड्डियों के प्रजनन स्थल पर ही उन्हें नष्ट करने एवं अन्य कदम उठाने के लिए कार्ययोजना बनाकर त्वरित क्रियान्वयन किया जावें।

राजस्व मंत्री हरीश चौधरी ने बताया कि भारत पाक से सटी राजस्थान की सीमा पर टिड्डी दलों का आना शुरू हो गया है।

उन्होंने लिखा कि पिछले वर्ष टिड्डियों के भंयकर प्रकोप के कारण राजस्थान, पंजाब, गुजरात राज्य ज्यादा प्रभावित रहे और बड़ी तादाद में फ़ंसले नष्ट होने से किसानों को भारी आर्थिक नुकसान हुआ।

वहीं वर्तमान में किसानों ने रबी की फसल ले ली है और जायद की बुवाई जारी है, लेकिन टिड्डियों के आने से इस फसल के नष्ट होने की पूरी संभावना रहेगी।

इस कारण किसानों किसानों में वैश्विक महामारी कोराना के साथ ही टिड्डियों के आने की संभावना के कारण भय और चिंता का अधिक माहौल हो गया है।

राजस्व मंत्री हरीश चौधरी ने प्रधानमंत्री से अनुरोध किया है कि टिड्डी नियंत्रण के लिए जो तरीक़े पहले से काम मे लिए जा रहे है वह भी धरातल पर अब उपयोग सिद्ध नही हो पा रहे है।

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इसलिए टिड्डी नियंत्रण हेतु नियम एवं तरीकों में बदलाव किए जाने की आवश्यकता है।
उन्होंने लिखा कि पिछली बार आरक्षित के सीमा क्षेत्रों में राजस्थान सरकार द्वारा किसानों को कीटनाशक दवाइयों की मुफ्त आपूर्ति की गई थी।
जिससे किसान स्वंय के संसाधनों की मदद से टिड्डियों का काफी हद तक नियंत्रण कर पाए गए। लेकिन इस बार सही समय पर नियंत्रण नहीं किया गया तो स्थिति बहुत बिगड़ जाएगी और पूरे देश पर इसका प्रभाव पड़ेगा।
उल्लेखनीय है कि राजस्व मंत्री हरीश चौधरी इससे पूर्व भी कई बार प्रधानमंत्री, एफएओ, भारत सरकार के कृषि मंत्री को टिड्डी नियंत्रण के लिए त्वरित कार्य करने के साथ ही भविष्य में इस तरह की आपदा से बचने की प्रभावी कार्य योजना तैयार करने के लिए एएवी अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहल करने के लिए लगातार निवेदन करना आ रहा है।

राजस्व मंत्री चौधरी ने टिड्डी प्रकोप के दौरान बाड़मेर जैसलमेर, जिलों में कई दिन के प्रवास पर बनेकर किसानों के साथ टिड्डी नियंत्रण कार्य भी किया था।