45000 श्रमिकों को दे चुकी है, राजस्थान सरकार जबकि 57200 मजदूरों को बुला चुकी है

अब तक 45000 श्रमिको को आपसी सहमति के जरिए राजस्थान से बाहर भेजा जा चुका है और 57,200 से ज्यादा प्रवासियों को श्रमिकों को राजस्थान लाया जा चुका है।

सोशल डिस्टेंशन के तहत केवल 1200 श्रमिकों को ही राजस्थान लाया जा रहा है, एक ट्रेन में।

राजस्थान सरकार का यह भी कहना कि पश्चिम बंगाल और तेलंगाना ने अपने श्रमिको के अलावा किसी और को ना लाने पर भी अब तक सहमति दी है ।

ऐसे में राजस्थान में फंसे हुए इन राज्यों के लोगों को भेजा जाना असंभव हो रहा है।

राजस्थान सरकार की माने तो अब तक 14 लाख लोगों ने राजस्थान से बाहर जाने यहां या यहां आने के लिए अपना रजिस्ट्रेशन कराया है, जिन्हें यहां से भेजना या लाना बड़ी चुनौती है।

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