राजस्थान में 10 लाख प्रवासियों और श्रमिकों को अपने घर पहुंचाने का काम शुरू

नेशनल दुनिया, जयपुर।

राजस्थान में 10 लाख प्रवासियों और श्रमिकों को अपने घर पर पहुंचाने के लिए कार्यक्रम शुरू कर दिया गया है। सरकार के मुताबिक 1000000 लोगों ने ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करवाया है।

अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि प्रदेश में करीब 10 लाख प्रवासियों एवं श्रमिकों ने अपने गृह स्थान पहुंचने के लिए पंजीयन कराया है।

इनमें से करीब 70 प्रतिशत संख्या राजस्थान आने वालों की है।

श्रमिकों की इतनी बड़ी संख्या को देखते हुए जिला कलक्टर एवं अन्य अधिकारी उनके सुरक्षित आवागमन और क्वारेंटाइन सहित सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करें।

राज्य सरकार विशेष ट्रेनों के संचालन के लिए रेलवे के साथ समन्वय कर रही है।


निवास पर वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से कोर ग्रुप, नोडल अधिकारियों एवं जिला कलक्टरों के साथ श्रमिकों के सुरक्षित आवागमन सहित अन्य विषयों पर चर्चा की।

श्रमिकों की संख्या, उनके गंतव्य स्थान तथा विशेष ट्रेनों के संचालन को अनुमति मिलने की सम्भावना को ध्यान में रखते हुए जिला कलक्टर रेलवे के अधिकारियों के साथ रूट प्लान तैयार कर लें।

ताकि बिना किसी परेशानी के श्रमिक एवं प्रवासी अपने घर पहुंच सकें। साथ ही सभी स्थानों पर उनकी स्क्रीनिंग एवं क्वारेंटाइन की पुख्ता व्यवस्था हो।


कोरोना के लिए बनाएं दीर्घकालिक एवं अल्पकालिक योजना
कोराना जैसी चुनौती से लड़ने के लिए हमें प्रदेश के हर जिले में हैल्थ इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करना जरूरी है।

राज्य सरकार के ऐसे प्रयास हैं कि हर जिले में जांच से लेकर उपचार की सुविधाएं उपलब्ध हों। यह हमें आगे भी किसी भी स्थिति से मुकाबला करने के लिए तैयार करेगा।

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निर्देश दिए कि कोरोना से जंग जीतने के लिए दीर्घकालिक एवं अल्पकालिक दोनों योजनाओं पर काम किया जाए, क्योंकि कोई नहीं कह सकता कि कोरोना से हमें कितनी लंबी लड़ाई लड़नी पड़े।


लॉकडाउन लगाना आसान है, लेकिन उसे हटाना बेहद मुश्किल काम है। ऐसे में लॉकडाउन के साथ-साथ आर्थिक गतिविधियों को भी सुचारू करना हमारे लिए बेहद जरूरी है।

अगर सभी गतिविधियां लंबे समय बंद रहीं तो आर्थिक संकट पैदा हो सकता है। ऐसे में कोरोना से लड़ना और मुश्किल भरा हो जाएगा।

अधिकारी ऐसे प्रयास करें कि संक्रमण का फैलाव रोकते हुए आर्थिक गतिविधियों को पटरी पर लाया जा सके।


अधिकारी लॉकडाउन के दौरान पास जारी करने की व्यवस्था को सुगम बनाएं। आमजन लंबे समय से चल रहे लॉकडाउन के कारण पहले से ही पीड़ा झेल रहे हैं।

ऐसे में पास को लेकर आने वाली समस्या उनमें तनाव पैदा कर सकती है। पास जारी करने के लिए उचित सिस्टम हो। अनुमत श्रेणियों के लिए सरलता से पास जारी किए जाएं।