कोविड-19 से लड़ाई में आयुष चिकित्सकों का सहयोग ले सरकार -पूनियाँ

-गर्मियों में जनता को समुचित पेयजल की व्यवस्था करे सरकार -पूनियाँ
-प्रवासियों को उनके घरों तक पहुँचाने की कार्ययोजना घोषित करे सरकार -पूनियाँ
नेशनल दुनिया, जयपुर।

भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनियाँ ने चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री रघु शर्मा को पत्र लिखकर अनुरोध किया है, कि कोरोना संक्रमण के समय सरकार को आयुष चिकित्सकों का सहयोग लेना चाहिए।

साथ ही पूनियाँ ने जलदाय मंत्री बीडी कल्ला को पत्र लिखकर माँग की है, कि गर्मियों के मौसम को देखते हुए सरकार जनता को समुचित पेयजल उपलब्ध करवाने की व्यवस्था करे।

img 20200430 wa00187513686324666552250


पूनियाँ ने रघु शर्मा को लिखे पत्र में कहा है की आयुर्वेदिक चिकित्सक इस संकट के समय में अपनी औषधियों से लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता को विकसित करने में मदद कर सकते है।

पर सरकार ने प्रदेश के सभी आयुर्वेदिक चिकित्सालयों को बंद कर रखा है और इन चिकित्सकों की अन्य कार्यों में ड्यूटी लगाई हुई है।

सरकार को इन आयुर्वेदिक, होमियोपैथिक, प्राकृतिक चिकित्सकों का उपयोग इनके मूल काम के लिए ही करना चाहिए।

साथ ही राजस्थान के जो इंटर्न चिकित्सक, कोरोना से लड़ाई में न्यूनतम मानदेय पर सेवाएँ दे रहे हैं, उनका अन्य प्रदेशों को तरह ही स्टाइपेंड बढ़ाया जाए।


पूनियाँ ने जलदाय मंत्री बीडी कल्ला को भी पत्र लिखकर माँग की है की वे गर्मियों को देखते हुए ये सुनिश्चित करें की लोगों को पेयजल की आपूर्ति होती रहे।

img 20200430 wa00194311824189410502103

हर बार सरकारें फ़रवरी महीने में ही ग्रीष्मकालीन समय में होने वाली पेयजल आपूर्ति की तैयारी करती है। नए ट्यूबवेल और हेंडपम्प खोदे जाते है।

टैंकर सप्लाई के टेंडर हो जाते है, लेकिन इस बार ऐसा कुछ भी नहीं हुआ है। इसलिए सरकार को ये ध्यान रखना चाहिए की संकट के इस समय में उसकी लापरवाही से पेयजल का संकट नहीं खड़ा हो जाए।

यह भी पढ़ें :  20 फरवरी को अशोक गहलोत पेश करेंगे वर्ष 2020-2021 का वार्षिक बजट


पूनियाँ ने सरकार से आग्रह किया है, कि उसने प्रवासियों को उनके घरों तक पहुँचाने की क्या कार्ययोजना बनाई है उसका खुलासा करें।

img 20200430 wa00208317454957600983806

अब जबकि केंद्रीय ग्रह मंत्रालय ने उनको आवागमन की छूट दे दी है तो अब राज्य सरकार की ज़िम्मेदारी है की वो ये सुनिश्चित करें की लाकडाउन में प्रदेश के बाहर अन्य राज्यों में फँसे राजस्थान के मज़दूरों, छात्रों, पर्यटकों को बिना परेशानी के उनके घरों तक पहुंचाएं।