रोजगार बनाए रखने के लिए उद्योगों पर मॉनिटरिंग कर रही है केंद्र सरकार: केंद्रीय मंत्री

नेशनल दुनिया

कोविड-19 की वैश्विक महामारी के बीच केंद्र सरकार इस बात के लिए लगातार प्रयास कर रही है कि बंद पड़े उद्योगों में कर्मचारियों की छंटनी नहीं हो।

इसके साथ ही इस चीज के लिए भी प्रयास कर रही है कि देशभर में किसी भी राज्य में जो आदिवासी, दलित और गरीब लोग हैं, उन तक समय पर खाना पहुंच सके राशन की व्यवस्था हो सके।

केंद्रीय भारी उद्योग राज्यमंत्री और बीकानेर से सांसद अर्जुनराम मेघवाल ने पत्रकारों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए प्रेस वार्ता करते हुए इसकी जानकारी दी।

मेघवाल ने बताया कि राजस्थान में कांग्रेस की सरकार है और बड़े पैमाने पर गरीब लोगों के साथ राशन सामग्री वितरण में भेदभाव किया जा रहा है, जिसको भारतीय जनता पार्टी बर्दाश्त नहीं करेगी।

केंद्रीय मंत्री ने इसके साथ ही कहा कि क्योंकि सारी फंडिंग केंद्र सरकार से हो रही है और जो 2500 रुपया राज्य सरकार गरीबों को देने का दावा कर रही है, वह पूरा पैसा केंद्र सरकार द्वारा दिया जा रहा है।

बावजूद इसके भेदभाव किए जाने की सूचना मिल रही है, जिसको लेकर राज्य सरकार के सामने आपत्ति दर्ज करवाई गई है।

नेशनल दुनिया के एक सवाल पर केंद्रीय मंत्री ने बताया कि जिस तरह से कोविड-19 की वैश्विक महामारी के बाद उद्योगों में रोजगार कम होने की संभावना है, उसी तरह से मेक इन इंडिया के तहत देश में रोजगार बढ़ने की भी पूरी उम्मीद है।

उन्होंने कहा कि इस तरह की किसी भी संभावना को लेकर केंद्र सरकार पूरी मॉनिटरिंग कर रही है और उद्योगों के साथ, उनके संगठनों के साथ वार्ता भी कर रही है।

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मंत्री ने अपनी प्रेस वार्ता में सर्वाधिक जोर राज्य सरकार द्वारा राजनीति किए जाने और केंद्र सरकार के द्वारा रोजगार से संबंधित किए जा रहे कार्यों को लेकर दिया।

अर्जुन राम मेघवाल ने इसके साथ ही बताया कि राज्य सरकार जो भी फंड जारी करने के लिए बार-बार कह रही है।

उससे पहले ही केंद्र सरकार राज्यों को काफी रुपया दे चुकी है और किसी भी तरह से किसी भी राज्य को रुपयों के मामले में कमजोर नहीं होने दिया जाएगा।

रमजान के बाद ईद के अवसर पर देशभर में बड़े पैमाने पर सोशल डिस्टेंसिंग को लेकर उत्पन्न होने वाली समस्या के सवाल पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सभी धर्मों के धर्मगुरु इस बात की अपील कर रहे हैं कि इस वैश्विक महामारी में सोशल डिस्टेंसिंग को महत्व दिया जाए।

मुस्लिम धर्म गुरुओं के द्वारा भी घरों में रहकर नमाज अदा करने के लिए कहा जा रहा है और ईद के दिन भी लोग घरों में रहकर ही एक-दूसरे को बधाई देंगे, एक दूसरे के साथ ईद मनाने का प्रयास करेंगे, इसकी पूरी संभावना है और सभी धर्म गुरुओं से इस बारे में अपील की जा रही है।