राजस्थान की सरकार बयानवीर है, काम नहीं करते थोथी राजनीति करना ही मकसद है: डॉ पूनिया

-राजस्थान की सरकार बयानवीर है, काम नहीं करते थोथी राजनीति करना ही मकसद है: डॉ पूनिया

– राज्य सरकार केंद्र के पैसे और केंद्र की योजनाओं के नाम पर अपनी पीठ थपथपा रही है- कटारिया

– राज्य सरकार ने तो भामाशाह योजना का लाभ दे पा रही है और न ही आयुष्मान योजना का, पूरी तरह विफल है सरकार: राठौड़

नेशनल दुनिया

भारतीय जनता पार्टी राजस्थान के प्रदेश अध्यक्ष डॉ सतीश पूनिया ने राजस्थान की सरकार को केवल बयानवीर और थोथी राजनीति करने वाली करार दिया है। भाजपा अध्यक्ष पूनिया, नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया और उपनेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने गुरुवार को 4:30 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए प्रेस वार्ता को संबोधित किया।

डॉ पूनिया ने कहा है कि राज्य सरकार केवल बातें करती है अनर्गल आरोप लगाती है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कद का मुकाबला करने के लिए उल जलूल बातें करती है।

राजस्थान के अशोक गहलोत सरकार के द्वारा बार-बार केंद्र सरकार द्वारा सहायता नहीं दिए जाने के सवाल पर बात करते हुए नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया ने कहा कि राज्य सरकार केवल यह बता दे कि उसने अपने खाते से कितने लोगों को सहायता मुहैया करवाई है और केंद्र सरकार से मिले हुए सहायता राशि से प्रदेश के कितने लोगों को राहत सामग्री बांटने का काम किया है।

उन्होंने एक बार फिर अशोक गहलोत सरकार को चेतावनी देते हुए चैलेंज किया है कि अगर केंद्र की सरकार ने राज्य सरकार के साथ भेदभाव किया तो वह अशोक गहलोत की बात मान लेंगे, लेकिन एक बार इसके सारे आंकड़े प्रकाशित करके दिखाएं।

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नेशनल दुनिया के एक सवाल पर बोलते हुए राजेंद्र राठौड़ ने इस बात को स्वीकार किया कि राजस्थान की सरकार प्राइवेट अस्पतालों पर नकेल कसने में नाकाम रही है और आज राजस्थान में भामाशाह योजना पूरी तरह खत्म हो गई है।

जबकि आयुष्मान भारत योजना को भी राजस्थान सरकार लागू नहीं कर पाई है। इसके चलते प्राइवेट हॉस्पिटल में ओपीडी खत्म हो गई है और बावजूद इसके राज्य सरकार ने आज तक किसी भी प्राइवेट हॉस्पिटल के खिलाफ कार्रवाई करने की हिम्मत नहीं जुटाई है।

इस अवसर पर भाजपा अध्यक्ष डॉ पूनिया ने केंद्र सरकार की तरफ से सहायता दिए जाने के बारे में जानकारी दी।

उन्होंने कहा कि अब तक केंद्र सरकार ने राजस्थान सरकार को सर्वाधिक सहायता मुहैया करवाई है, जबकि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत हमेशा ही केवल केंद्र सरकार पर आरोप लगाने का काम करते हैं और अपनी जिम्मेदारी से भाग रहे हैं।

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के द्वारा बीजेपी पर ऐसे वक्त में सांप्रदायिक राजनीति करने के सवाल पर बात करते हुए डॉ सतीश पूनिया ने कहा कि बीजेपी ने केवल तबलीगी जमात के लोगों के बारे में बात की है, ना की किसी धर्म के, संप्रदाय के जाति के बारे में।

उन्होंने कहा कि यह सर्वविदित है और आखरी भी है कि तबलीगी जमात से निकले हुए लोगों ने सर्वाधिक कोरोनावायरस फैलाने का काम किया है।

उन्होंने कहा कि भाजपा केवल तबलीगी जमात का नाम ले रही है, अन्य किसी धर्म का नाम नहीं ले रही है। ऐसे में सांप्रदायिकता करने का अशोक गहलोत का दावा उनके खुद के ऊपर एक बड़ा आरोप है।

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डॉ पूनिया ने इसके साथ ही कहा है कि जिस भीलवाड़ा मॉडल को लेकर राजस्थान की गहलोत सरकार अपनी खुद की पीठ थपथपा रही है। वह पूरी तरह से विफल हो गया है, राजधानी जयपुर को खुद सरकार ने अपनी नाकामियों के चलते चीन का वुहान शहर बना दिया है।

इस अवसर पर एक सवाल के जवाब में राठौड़ ने कहा कि प्रदेश के चिकित्सा मंत्री को अपनी विफलताओं का ठीकरा केंद्र सरकार पर नहीं छोड़ कर खुद की जिम्मेदारी का निर्वहन करना चाहिए, प्रदेश की जनता जो लॉक डाउन के चलते परेशान है, खाने से और खाद्य सामग्री से महरूम है, उनको समय पर खाद्य सामग्री उपलब्ध करवाएं ना कि बिना वजह की बयानबाजी कर सुर्खियों में रहने का काम करें।