राजस्थान सरकार ने केंद्र से खाद्य सुरक्षा योजना के तहत 30 हजार मैट्रिक टन गेहूं हर महीने अतिरिक्त मांगा है

नेशनल दुनिया

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का कहना है कि जयपुर, जोधपुर, पाली, जालौर, सिरोही, बाडमेर, जैसलमेर समेत प्रदेश में रह रहे पाक विस्थापितों को राशन सामग्री उपलब्ध करवाने के लिए जिला कलक्टरों को निर्देश दिए थे। करीब 4 हजार पाक विस्थापित परिवारों को राशन सामग्री मुहैया कराई गई है।

मुख्यमंत्री गहलोत के अनुसार हिंदुस्तान जिंक, जिंदल शॉ, अल्ट्रा टेक, हीरो मोटोकॉर्प, केईआई लिमिटेड, डाइकिन सहित कई बड़ी कम्पनियों ने अपनी गतिविधियां प्रारम्भ कर दी हैं।

पत्रकारों से बात करते हो मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बताया कि हमारी सरकार ने जरूरतमंद पाक विस्थापितों को भी राशन सामग्री एवं अन्य सहायता उपलब्ध करवाई है।

उल्लेखनीय है कि भीलवाड़ा, उदयपुर, अलवर, जोधपुर, अजमेर, भरतपुर, कोटा समेत प्रदेश के कई जिलों में औद्योगिक गतिविधियां प्रारंभ हुई हैं। भीलवाड़ा में करीब 40 इकाइयों तथा उदयपुर में 50 इकाइयों ने काम शुरू किया है जिनमें करीब 13 हजार श्रमिक नियोजित हुए हैं।

उन्होंने कहा कि हमने मॉडिफाइड लॉकडाउन लागू होने के बाद औद्योगिक इकाइयों को सुनियोजित ढंग से शुरू किए जाने के प्रयास किए हैं। जिसके चलते हमारी उम्मीद से अधिक औद्योगिक इकाइयों ने काम शुरू कर दिया है। इनमें कई बड़ी इकाइयां भी शामिल हैं। यह एक शुभ संकेत है।

गहलोत का कहना है कि COVID19Pandemic से उपजी संकट की इस घड़ी में किसी व्यक्ति को भूखा नहीं सोना पड़े, इसके लिए राज्य सरकार FCI से बाजार दर पर गेहूं खरीदकर खाद्य सुरक्षा से वंचित प्रदेश के 54 लाख पात्र लोगों, निराश्रित व्यक्तियों समेत करीब 60 लाख जरूरतमंदों को दस-दस किलो निशुल्क गेहूं उपलब्ध कराएगी।

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एक सवाल के जवाब नहीं दे रहा उसने कहा कि कुछ शरारती लोग लॉकडाउन एवं कर्फ्यू वाले क्षेत्रों में किसी समुदाय विशेष को छूट दिए जाने की अफवाहें एवं झूठ फैला रहे हैं। ऐसे लोगों को समझना चाहिए कि सरकार का एक ही लक्ष्य है कैसे प्रदेशवासियों के जीवन की रक्षा की जाए।

मुख्यमंत्री ने दावा करते हुए कहा है कि मैंने पुलिस महानिदेशक को निर्देश दिए हैं कि किसी भी वर्ग का व्यक्ति क्यों नहीं हो, अगर वह नियमों का उल्लंघन करता है तो उसे बख्शा नहीं जाए।

इसके साथ ही सीएम गहलोत का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर जनसंख्या के वर्तमान आंकड़ों के अनुरूप राज्य को खाद्य सुरक्षा योजना में प्रतिमाह 30 हजार मैट्रिक टन गेहूं अतिरिक्त आवंटित करने का आग्रह किया है।

मुख्यमंत्री के मुताबिक कोरोना महामारी के कारण देशव्यापी आर्थिक संकट के चलते बेरोजगार हुए गरीबों, जरूरतमंदों, कामगारों तथा मेहनत-मजदूरी करके अपना जीवन पालने वाले लोगों की आजीविका पर गहरा संकट खड़ा हो गया है।

उन्होंने केंद्र सरकार से मांग करते हुए कहा कि इस विकट स्थिति में केन्द्र सहानुभूतिपूर्वक विचार कर खाद्य सुरक्षा योजना के तहत जनसंख्या के वर्तमान आंकड़ों के अनुरूप प्रदेश को अतिरिक्त गेहूं का आवंटन करे, ताकि इस अधिनियम की भावना के अनुरूप पात्र जरूरतमंद व्यक्तियों को लाभान्वित किया जा सके।