एसएमएस अस्पताल का स्टीकर लगे जार में मिले मानव अंग, मानव अंग तस्करी की संभावना

नेशनल दुनिया

कोविड-19 की वैश्विक महामारी के बीच राजस्थान के सबसे बड़े अस्पताल सवाई मानसिंह हॉस्पिटल का स्टीकर लगा हुआ फॉरेंसिक लैब का एक जार राजधानी के मुरलीपुरा थाना क्षेत्र में लावारिस मेला।

मुरलीपुरा थाना प्रभारी समेत अन्य पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे और जार को अपने कब्जे में ले लिया। थाना प्रभारी के मुताबिक मृत मानव अंगों से भरे हुए इस जार को डिस्ट्रॉय कर दिया गया है। जार के ऊपर 2017 की तारीख और मनोहर लाल नाम लिखा हुआ है, जो अब काफी हल्का दिखाई दे रहा है।

जानकारी के मुताबिक मुरलीपुरा थाना से कुछ ही दूरी पर पानी की टंकी के निर्मित परिसर में कांच का एक जार मिला। जिसकी सूचना स्थानीय निवासी राजेश शर्मा ने पुलिस को दी। राजेश शर्मा ने बताया कि उनको इस जार की सूचना मंगलवार शाम को करीब 6:00 बजे लगी जब वह मौके से गुजर रहे थे।

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उन्होंने इसकी जानकारी मुरलीपुरा थाना में दी। इसकी जानकारी लोगों में फैलने के बाद यहां पर पत्रकार भी पहुंचे। पत्रकारों के साथ बात करते हुए थाना अधिकारी ने बताया कि कांच के जार को कब्जे में लेकर विधिवत रूप से डिस्ट्रॉय कर दिया गया है।

प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि कांच के जार में मानव के मृत अंग थे। जिनमें किडनी, हृदय और गुर्दा जैसे अन्य कई मानव अंग शामिल थे। सवाल यह उठता है कि सवाई मानसिंह अस्पताल के फॉरेंसिक लैब का कांच का यह जार अस्पताल से करीब 15 किलोमीटर दूर कैसे पहुंच गया।

इस प्रकरण को लेकर नेशनल दुनिया ने सवाई मानसिंह मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल फॉरेंसिक लैब के प्रभारी से बात करने का प्रयास किया, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो पाया। माना जा रहा है कि इस तरह के मानव अंग मृतक की बीमारी के बारे में जानने के लिए सुरक्षित रखे जाते हैं।

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मुरलीपुरा थाना इस प्रकरण की जांच कर रहा है। देशभर में लॉक डाउन और जयपुर के कई इलाकों में कर्फ्यू होने के बावजूद सवाई मानसिंह मेडिकल कॉलेज से 15 किलोमीटर दूर मानव अंगों से भरा हुआ जार पहुंचना मानव तस्करी की तरफ इशारा कर रहा है।