पत्रकारों की कटती तनख्वाह और नौकरी की छंटनी के बीच राजस्थान के मुख्यमंत्री बोले: “मीडियाकर्मियों की तनख्वाह की चिंता हमें लगी हुई है”

जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राज्य के विभिन्न मीडिया संस्थानों में काम करने वाले पत्रकारों की तनखा को लेकर चिंता जाहिर की है।
मीडिया वीडियो प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोलते हुए अशोक गहलोत ने कहा कि कहा ने हमें मीडियाकर्मियों की चिंता है।

अपने वीडियो प्रेस कॉन्फ्रेंस में अशोक गहलोत बोले सुना है टीवी, प्रिंट मीडिया में कई जगह छंटनी की जा रही है। मीडिया में भी भारत सरकार या राज्य सरकार की तरह तनख्वाह कम की जा रही है।

उन्होंने कहा कि मैं मीडिया के मालिकों को कहना चाहूंगा कि भारत सरकार या स्टेट गवर्नमेंट तो अफोर्ड कर लेगी, लेकिन मीडियाकर्मी या संवाददाता कम तनखाह अफोर्ड नहीं कर पाएंगे। मैं उनके मालिकों से कहना चाहूंगा कि उन्हें निकालें नहीं, उनकी तनख्वाह कम नहीं करें। सरकार प्रयास करेगी कि इस वक्त में उनको इस प्रकार इमदाद दें, जिससे कि ऐसी नौबत न आये।

हमने मुख्यमंत्री, मंत्री, विधायकों की एक माह की तनख्वाह सीएम रिलीफ फंड में दे दी थी। अखिल भारतीय व अन्य सेवाओं के अधिकारियों की 5 दिन की तनख्वाह सीएम रिलीफ फंड में दे दी थी। एमएलए फंड को कोविड के लिए कर दिया है।

उल्लेखनीय है कि राजस्थान में कई बड़े संस्थानों ने अपने मीडियाकर्मियों की तनखाह में कटौती कर दी है। इसके अलावा कई मीडिया संस्थान लगातार पत्रकारों की छंटनी करने पर कार्य कर रहे हैं, जिसको लेकर मुख्यमंत्री ने यह बात कही है।

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