RUHS ने 2 साल की मरीज ठीक करने समेत 70 रोगियों को किया कोरोना मुक्त

RUHS Jaipur
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नेशनल दुनिया
वैश्विक महामारी कोरोनावायरस के कहर के बीच राजस्थान स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय अस्पताल, यानी आरयूएचएस चिकित्सालय ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है। अस्पताल में न केवल राज्य की सबसे कम उम्र, 2 साल की मरीज पलक को कोरोनामुक्त कर घर भेज दिया है, ​बल्कि यहां पर अब तक भर्ती 130 पॉजिटिव मरीजों में से 70 रोगियों को ठीक करने में भी कामयाबी हासिल की है।

आरयूएचएस अस्पताल के ओपीडी इंचार्ज डॉ. प्रहलाद धाकड़ की अगुवाई में अस्पताल के पूरे डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ समेत तमाम जिम्मेदार अपनी ड्यूटी बड़ी सिद्दत से निभा रहे हैं, ​वरन काफी कम संसाधन होने के बाद भी 70 रोगियों को ठीक कर बड़ी कामयाबी हासिल की है।

2 साल की पलक प्रदेश की सबसे कम उम्र की रोगी ठीक

अस्पताल प्रशासन, डॉक्टर्स, नर्सिंग स्टाफ समेत तमाम चिकित्साकर्मियों ने प्रदेश की सबसे कम आयु की कोरोनवायरस पॉजिटिव मरीज, जो कि झुंझुनू की है और अपने माता—पिता के साथ विदेश से लौटी थी, को पूरी तरह से ठीक कर वापस सकुशल घर भेजने में सफलता पाई है।

सीमित सुविधाओं से एसएमएस को टक्कर

दरअसल, आरयूएचएस अस्पताल को पिछले साल ही मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने विधिवत शुरू किया था। यहां पर डॉक्टर्स, नर्सिंगकर्मियों समेत स्टाफ की भारी कमी रही। शुरुआत में यहां पर सुविधाओं की भारी कमी को कोरोनावायरस के कहर के बाद जिस तरह से सरकार ने दूर कर सुविधाएं उपलब्ध करवाई हैं, वो काबिले तारीफ है। मरीजों को उपचारित करने में स्टाफ ने कोई हिचकिचाहट नहीं दिखाई है।

अब यहां पर क्वाइरंटाइन नहीं होगा, उपचार ही होगा

मंगलवार को सरकार ने आरयूएचएस अस्पताल को क्वाइरंटाइन सेंटर से बदलकर उपचार सेंटर बना दिया है। यानी अब यहां पर केवल पॉजिटिव मरीज ही उपचार के लिए भर्ती होंगे। यहां पर किसी भी व्यक्ति को क्वाइरंटाइन नहीं किया जाएगा।

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जयपुर में अब तीन अस्पतालों में उपचार

परकोटे में गणगौरी अस्पताल को भी कोरोनावायरस डेडीकेटेड किया गया है। इसका मतलब यह है कि एसएमएस अस्पताल के अलावा परकोटा में भी उपचार होगा। इसके साथ ही आरयूएचएस, महात्मा गांधी अस्पताल को भी कोरोनावायरस के लिए सुरक्षित किया है।